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Wednesday, October 14, 2026
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हाथियों के उत्पात से बचाव के लिए मोबाइल ऐप, मूवमेंट होते ही लोगों को मिलेगा अलर्ट

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एप वन विभाग के अफसरों के लिए और दूसरा आम लोगों के लिए

रांची। झारखंड में हाथियों का उत्पात को लेकर ग्रामीण हमेशा चिंतित रहते हैं, कई बार तो हाथी लोगों की जान भी ले लेते हैं। लेकिन अब इसके बचाव को लेकर सरकार ने कदम उठा लिए हैं। वन विभाग ने मोबाइल अलर्ट ऐप लांच कर दिया। इसके जरिए लोगों को हाथियों के मूवमेंट की सूचना समय रहते मिल जाएगी, वे सुरक्षा के लिए एहतियाती उपाय कर सकेंगे। यह ऐप 20 किलोमीटर के दायरे में मौजूद हाथी या उसके झुंड आने पर मोबाइल पर मैसेज के माध्यम से अलर्ट करेगा। वन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दरअसल दो अलग-अलग ऐप विकसित किए गए हैं। एक वन विभाग के अफसरों के लिए और दूसरा आम लोगों के लिए। वन विभाग भी हाथियों के मूवमेंट की जानकारी मिलते ही लोगों को अलर्ट करने और उन्हें आबादी वाले इलाकों से दूर रखने के लिए आवश्यक कदम उठा सकेगा। ऐप के जरिए हाथियों के मूवमेंट की सूचना मिलने से धन-जन की क्षति रोकने में मदद मिल सकेगी।

सीएम ने किया था एप का लॉन्चिंग

दूसरा ऐप आम लोगों के लिए होगा, जिन्हें लगभग 20 किलोमीटर के दायरे में हाथियों का मूवमेंट होने पर अलर्ट प्राप्त होगा। इस ऐप की लॉन्चिंग वन महोत्सव के दौरान झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन ने की थी। हाथियों के मूवमेंट की जानकारी वन विभाग के कर्मी और ग्रामीण क्षेत्रों में गठित किए जाने वाले सुरक्षा दल के सदस्य एप्लीकेशन में हाथी सहित अन्य जानवरों की लोकेशन के साथ फोटो सब्मिट करेंगे। फोटो अपलोड होते ही संबंधित इलाके के लोगों को अलर्ट चला जाएगा।

जानकारी एफएम रेडियो के जरिए प्रसारित होगा

वन विभाग ने इसके अलावा हाथियों के मूवमेंट की जानकारी एफएम रेडियो के जरिए प्रसारित करने का भी निर्णय लिया है। बता दें किं रहे कि वर्ष 2000 में झारखंड बनने से लेकर अब तक हाथियों के हमले में 1500 से भी ज्यादा लोगों की मौत हुई है। औसतन हर साल हाथी 80 से 90 लोगों की जान ले लेते हैं। हाथी-मानव संघर्ष में हर साल एक दर्जन से भी ज्यादा हाथियों की भी मौत हो जाती है।


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