
JSCA टिकटिंग में पारदर्शिता की मांग, Complimentary Passes से लेकर Sponsor Quota तक मांगा हिसाब.
9 अक्टूबर के T20 से पहले JSCA को Representation, टिकट और Pass Allocation का मांगा पूरा ब्यौरा.
रांची। झारखंड हाई कोर्ट के अधिवक्ता, झारखंड राज्य बार काउंसिल के पूर्व सदस्य और झारखंड हाई कोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन के पूर्व महासचिव हेमंत कुमार शिकारवार ने JSCA इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम, रांची में टिकटिंग व्यवस्था को लेकर पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने टिकटों की सार्वजनिक बिक्री, Complimentary Passes, Sponsor और Institutional Allocations के साथ-साथ संबंधित वित्तीय विवरण सार्वजनिक करने की मांग की है। शिकारवार ने 27 सितंबर 2026 को झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (JSCA) के मानद सचिव को एक विस्तृत Representation-cum-Gentle Reminder सौंपा। इसमें उन्होंने JSCA Rules and Regulations के Rule 33(v) और BCCI Constitution के Rule 37(8) का उल्लेख करते हुए टिकट और पास आवंटन की व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और ऑडिट योग्य बनाने की मांग रखी है।
आम क्रिकेट प्रेमियों को मिले प्राथमिकता
प्रतिनिधित्व में इस बात पर जोर दिया गया है कि स्टेडियम में मैच देखने के लिए टिकट खरीदने वाले आम क्रिकेट प्रेमियों को सार्वजनिक टिकट व्यवस्था का प्राथमिक लाभ मिलना चाहिए। इसके लिए JSCA से स्टेडियम की कुल अधिकृत दर्शक क्षमता, Public Sale के लिए उपलब्ध टिकटों की संख्या, अलग-अलग श्रेणियों के टिकटों की कीमत, Complimentary/Free Tickets, Sponsor और Institutional Tickets के आवंटन का स्पष्ट विवरण मांगा गया है। साथ ही कुल Seating Capacity और विभिन्न Ticket तथा Pass Categories के बीच पूर्ण और सत्यापन योग्य Reconciliation उपलब्ध कराने की मांग की गई है।
90% Public Sale का सिद्धांत
शिकारवार ने अपने प्रतिनिधित्व में यह मुद्दा भी उठाया है कि यदि लागू नियम Complimentary/Free Allocations को अधिकतम 10 प्रतिशत तक सीमित करते हैं, तो सुरक्षा और अन्य वैधानिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए शेष 90 प्रतिशत अधिकृत Seating Capacity को सामान्य जनता के लिए Public Sale में उपलब्ध कराया जाना चाहिए। उनका कहना है कि इससे उन क्रिकेट प्रेमियों को लाभ मिल सकता है जो परिवार के साथ मैच देखने के लिए टिकट खरीदना चाहते हैं, लेकिन Public Sale शुरू होने से पहले ही बड़ी संख्या में सीटों के Complimentary, Sponsor या Institutional Allocation में चले जाने के कारण टिकट हासिल नहीं कर पाते।
भारत-वेस्टइंडीज T20 से पहले मांगी जानकारी
9 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित भारत-वेस्टइंडीज T20 मैच के मद्देनजर शिकारवार ने JSCA से अग्रिम रूप से टिकटिंग व्यवस्था से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है। इसमें कुल अधिकृत दर्शक क्षमता, Public-Sale Quota, Online और Offline Ticket Sales, श्रेणीवार टिकट कीमत, Complimentary/Free Tickets, Sponsor एवं Institutional Quotas तथा Pass Allocation के नियम और मानदंड शामिल हैं। उन्होंने JSCA की आधिकारिक वेबसाइट पर Seating, Pricing और Allocation से संबंधित जानकारी समय पर उपलब्ध कराने की मांग भी की है।
ब्लैक मार्केटिंग और टिकटों की होर्डिंग रोकने पर जोर
प्रतिनिधित्व में टिकटों की Hoarding, Duplicate Booking और Unauthorized Resale यानी ब्लैक मार्केटिंग को रोकने के लिए पारदर्शी और Audit-able व्यवस्था बनाने की मांग की गई है। इसके लिए Verified Mobile Number के माध्यम से Purchaser Authentication, प्रति व्यक्ति या Transaction टिकटों की उचित सीमा और Suspicious Bulk Booking की पहचान जैसे उपाय सुझाए गए हैं।
Complimentary Passes का भी हो ऑडिट
शिकारवार ने Complimentary और Free Passes के लिए एक पूर्ण और Audit-able Register तैयार करने की मांग की है। इसमें Pass जारी करने का उद्देश्य, संख्या, प्राप्तकर्ता संस्था या इकाई, Category और Issue Date जैसी जानकारियां दर्ज करने की बात कही गई है। उन्होंने संवेदनशील और व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा बनाए रखते हुए गैर-संवेदनशील विवरण JSCA की आधिकारिक वेबसाइट पर सार्वजनिक करने का सुझाव दिया है। इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि स्टेडियम की कुल क्षमता में से कितनी सीटें आम दर्शकों के लिए बिक्री हेतु उपलब्ध कराई गईं और कितनी सीटें Complimentary, Sponsor या Institutional Categories में आवंटित की गईं।
टिकटिंग के साथ वित्तीय जवाबदेही की भी मांग
शिकारवार की मांग केवल टिकटों की उपलब्धता तक सीमित नहीं है। उन्होंने Offline Ticket Sales, Sold Tickets, Collected Amount, Unsold/Returned Tickets और उनके Accounting Treatment का पूर्ण Reconciliation उपलब्ध कराने की मांग की है। इसके अलावा 30 नवंबर 2025 को आयोजित भारत-दक्षिण अफ्रीका ODI से संबंधित वित्तीय और GST दस्तावेजों की जानकारी भी मांगी गई है।
कानूनी और ऑडिट योग्य व्यवस्था बनाने पर जोर
प्रतिनिधित्व में शिकारवार ने कहा है कि पहल का उद्देश्य स्टेडियम प्रशासन, टिकटिंग, वित्तीय लेखांकन और दर्शक सुरक्षा से संबंधित एक कानूनी, पारदर्शी और Audit-able Documentary Framework स्थापित करना है। उन्होंने JSCA से आगामी 9 अक्टूबर के मैच से पहले आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने और प्रतिनिधित्व में उठाए गए बिंदुओं पर व्यापक जवाब देने का आग्रह किया है।
जनता के लिए टिकट और आवंटन में पारदर्शिता
पूरे मामले में मुख्य जोर इस बात पर है कि क्रिकेट मैच देखने के इच्छुक आम दर्शकों को टिकटिंग व्यवस्था में पर्याप्त और न्यायसंगत अवसर मिले। साथ ही Sponsor, Institutional और अन्य अधिकृत Allocations की जानकारी भी पहले से स्पष्ट हो, ताकि दर्शकों को पता रहे कि कुल स्टेडियम क्षमता में से कितनी सीटें Public Sale के लिए उपलब्ध हैं। शिकारवार ने अपना प्रतिनिधित्व अपने सभी कानूनी अधिकारों और उपलब्ध उपचारों को सुरक्षित रखते हुए “without prejudice” आधार पर प्रस्तुत किया है।





