PM Awas Yojana में गड़बड़ी के आरोप। बिहार के कई जिलों में लाभार्थी सूची पर उठे सवाल

बिहार में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की लाभार्थी सूची को लेकर अलग-अलग जिलों से शिकायतें सामने आ रही हैं। समस्तीपुर के रोसड़ा, दरभंगा के जाले और अन्य पंचायतों में ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों ने सूची में कथित अनियमितता का आरोप लगाते हुए जांच और पात्र लोगों को योजना का लाभ देने की मांग की है।
दरभंगा के जाले प्रखंड की राढ़ी पश्चिमी पंचायत में पंचायत समिति सदस्य अनिल भंडारी ने बीडीओ को आवेदन देकर लाभार्थी सूची की निष्पक्ष और स्थलीय जांच की मांग की। शिकायत में आरोप लगाया गया कि सूची में ऐसे लोगों के नाम भी शामिल हैं, जिन्हें पहले ही प्रधानमंत्री आवास योजना या मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत मकान निर्माण के लिए सहायता मिल चुकी है। शिकायतकर्ता के मुताबिक, इससे वास्तविक गरीब, दिव्यांग, विधवा और आवासविहीन परिवार योजना के लाभ से वंचित हो सकते हैं।
रोसड़ा में भी चयन प्रक्रिया पर सवाल
समस्तीपुर जिले के रोसड़ा प्रखंड की जहांगीरपुर दक्षिण पंचायत में भी प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों के चयन को लेकर सवाल उठाए गए हैं। यहां योजना के क्रियान्वयन और लाभार्थी चयन में कथित अनियमितता की शिकायत सामने आई है और मामले की जांच की मांग की गई है।
आमसभा में भी उठा सूची का मुद्दा
समस्तीपुर की लाटबसेपुरा पंचायत में भी पीएम आवास योजना की सूची को लेकर आमसभा के दौरान ग्रामीणों ने विरोध जताया था। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सूची में ऐसे लोगों के नाम शामिल हैं, जिनके पास पहले से पक्के मकान हैं। कुछ ग्रामीणों ने पंचायत स्तर पर पद के कथित दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए लाभार्थियों की पात्रता की जांच की मांग की। पंचायत सचिव की ओर से सूची में सुधार और पात्र लोगों को शामिल करने की प्रक्रिया की बात कही गई।
दरभंगा में ग्राम सभा से हो रहा सत्यापन
दरभंगा जिले में आवास प्लस-2024 के तहत तैयार प्रारूप प्रतीक्षा सूची के सत्यापन और अनुमोदन के लिए विशेष ग्राम सभाएं भी आयोजित की जा रही हैं। ग्राम सभाओं में सूची का वाचन कर ग्रामीणों से सुझाव और आपत्तियां मांगी जा रही हैं। अधिकारियों ने अयोग्य लाभार्थियों के नाम हटाने की प्रक्रिया पर भी जोर दिया है।
मनीगाछी में बीडीओ ने आवास सहायकों को निर्देश दिया है कि प्रारूप सूची में शामिल अयोग्य लाभार्थियों की पहचान कर ग्राम सभा के माध्यम से उनके नाम हटाए जाएं। अंतिम प्राथमिकता सूची में अयोग्य लाभार्थी का नाम रहने पर संबंधित स्तर पर जवाबदेही तय करने की बात भी कही गई है।
असली जरूरतमंदों तक लाभ पहुंचाने की मांग
लगातार सामने आ रही शिकायतों में एक समान मांग यह है कि लाभार्थी सूची की पात्रता के आधार पर दोबारा जांच कराई जाए। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि जिन परिवारों के पास पहले से पक्का मकान है या जिन्हें पूर्व में आवास योजना का लाभ मिल चुका है, उनके नाम हटाकर वास्तविक आवासविहीन और जरूरतमंद परिवारों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
फिलहाल अलग-अलग पंचायतों में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। प्रशासनिक स्तर पर सूची के सत्यापन और आपत्तियों के निपटारे की प्रक्रिया जारी है।
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