रांची. जामताड़ा में मेडिकल कॉलेज की स्थापना की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी की पहल पर राज्य सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल के तहत मेडिकल कॉलेज परियोजना के लिए लेटर ऑफ इंटेंट (LOI) जारी किया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जल्द ही इस महत्वाकांक्षी परियोजना का शिलान्यास करेंगे।प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज में 100 एमबीबीएस सीटें होंगी। इसके साथ ही जामताड़ा सदर अस्पताल की मौजूदा 100 बेड की क्षमता को बढ़ाकर 420 बेड करने की योजना है। इस परियोजना से जामताड़ा और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। साथ ही, मेडिकल शिक्षा के नए अवसर खुलेंगे और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।
चयनित संस्थाओं के लिए जारी हुआ LOI
मेडिकल कॉलेज परियोजना के लिए मणिमहेश हॉस्पिटल प्राइवेट लिमिटेड, आई केयर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस एंड रिसर्च तथा डॉ. बिधान चंद्र रॉय हॉस्पिटल से संबंधित चयन प्रक्रिया के तहत LOI जारी किया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, बोली एक रुपये में प्राप्त हुई है। राज्य सरकार पीपीपी मॉडल के तहत रांची, खूंटी, जामताड़ा, गिरिडीह और धनबाद में मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की दिशा में भी काम कर रही है। सरकार की इस पहल का उद्देश्य राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करना और लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है.
मेडिकल कॉलेज लाखों लोगों के सपनों का परिणाम
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने इस पहल को जामताड़ा के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा, “जामताड़ा मेडिकल कॉलेज सिर्फ एक संस्थान नहीं है, बल्कि यहां के लाखों लोगों के सपनों, गरीबों की उम्मीदों और उनकी दुआओं का परिणाम है। यह जामताड़ा की धड़कन और यहां की जनता के विश्वास का प्रतीक है। यह आने वाली पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य की नींव बनेगा।”उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के माध्यम से जामताड़ा की पहचान विकास, चिकित्सा और शिक्षा के क्षेत्र में नई होगी। अब जिले को केवल उसकी पुरानी छवि से नहीं, बल्कि विकास की नई उपलब्धियों से भी पहचाना जाएगा। डॉ. अंसारी ने कहा कि जामताड़ा की जनता से मिले प्यार, आशीर्वाद और विश्वास को वह कभी नहीं भूलेंगे। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के मार्गदर्शन और जनता के सहयोग से मेडिकल कॉलेज का सपना साकार होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, “मेरा सपना है कि गरीब से गरीब व्यक्ति को भी अपने जिले में बेहतर इलाज मिले। किसी मां को अपने बच्चे के उपचार के लिए दूर नहीं जाना पड़े और किसी परिवार को इलाज के खर्च के लिए अपना घर-बार न बेचना पड़े।
गरीबों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराना प्राथमिकता
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि जनता की सेवा ही उनका सबसे बड़ा धर्म है। उनका संकल्प राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करना, गरीबों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराना और विकास का लाभ बिना किसी भेदभाव के हर व्यक्ति तक पहुंचाना है।उन्होंने कहा, “जनता की दुआएं मेरी ताकत हैं, जनता का विश्वास मेरी पूंजी है और जामताड़ा का विकास मेरी सबसे बड़ी पहचान है।
स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह, विशेष सचिव नेहा अरोड़ा, स्कूटी डायरेक्टर शशि प्रकाश सिंह, बाघमारी प्रसाद कृष्णा, रिम्स के निदेशक डॉ. वी.के. सिंह और सुपरिटेंडेंट हरेंद्र बेरवा सहित विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।






