वंदे भारत एक्सप्रेस में 1.72 करोड़ का सोना जब्त। नी-कैप में छिपाकर ले जा रहा था यात्री

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में वंदे भारत एक्सप्रेस से सोने की तस्करी का मामला सामने आया है। चारबाग रेलवे स्टेशन पर राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की संयुक्त टीम ने एक यात्री के पास से 1.202 किलोग्राम विदेशी सोना बरामद किया है। जब्त सोने की कीमत करीब 1 करोड़ 72 लाख रुपये आंकी गई है। आरोपी को गिरफ्तार कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
नी-कैप में बनाई थी सोना छिपाने की खास जेब
जांच एजेंसियों के मुताबिक, आरोपी ने सोने को सुरक्षा एजेंसियों की नजरों से बचाने के लिए अपने पैरों में पहनी नी-कैप के नीचे एक विशेष जेब बनवा रखी थी। इसी जेब में सोने के टुकड़े छिपाकर ले जाए जा रहे थे।
8 अक्टूबर को वंदे भारत एक्सप्रेस के चारबाग स्टेशन पहुंचने के बाद प्लेटफॉर्म नंबर पांच पर संयुक्त टीम ने संदिग्ध यात्री को रोककर तलाशी ली। तलाशी के दौरान नी-कैप से सोना बरामद हुआ।
छह टुकड़ों में मिला विदेशी सोना
अधिकारियों के अनुसार, यात्री के पास से सोने के कुल छह टुकड़े मिले। इनमें तीन सोने की चेन, एक आधी छड़ और दो छोटे कटे हुए टुकड़े शामिल हैं। इन सभी का कुल वजन 1.202 किलोग्राम है।
बरामद सोने का मूल्य 1,72,34,373 रुपये बताया गया है। आरोपी सोने के वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सका, जिसके बाद सोना जब्त कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
हावड़ा से वाराणसी होकर लखनऊ पहुंचा था आरोपी
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि विदेशी सोने की खेप हावड़ा से वाराणसी के रास्ते लखनऊ लाई जा रही थी। जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपी ने सुरक्षा जांच से बचने के लिए रास्ते में ट्रेन बदली थी।
DRI को पहले ही सूचना मिली थी कि विदेशी सोने की तस्करी कर लखनऊ तक खेप पहुंचाई जा सकती है। इसके बाद रेलवे सुरक्षा बल के सहयोग से निगरानी बढ़ाई गई और संदिग्ध यात्री को पकड़ लिया गया।
यूपी में अब तक 21 करोड़ रुपये का सोना जब्त
DRI के मुताबिक, जनवरी 2026 से अब तक उत्तर प्रदेश में सोने की तस्करी के नौ मामलों में कार्रवाई की गई है। इन मामलों में कुल 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इस दौरान लगभग 14.47 किलोग्राम विदेशी सोना जब्त किया गया, जिसकी कीमत करीब 21 करोड़ रुपये बताई गई है।
तस्करी के नेटवर्क की जांच जारी
जांच एजेंसियां अब बरामद सोने के स्रोत, उसे लखनऊ तक पहुंचाने के तरीके और इस मामले में अन्य लोगों की संभावित भूमिका का पता लगा रही हैं। अधिकारियों का उद्देश्य यह जानना है कि सोना कहां से आया था और क्या इसके पीछे कोई बड़ा तस्करी नेटवर्क सक्रिय है।
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