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Thursday, October 22, 2026
JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते की जमानत याचिका खारिज
JPSC परीक्षा अनियमितता मामले में पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते की जमानत याचिका अदालत ने खारिज कर दी
JHARKHAND NEWS

JPSC परीक्षा अनियमितता मामला: एल खियांग्ते को नहीं मिली राहत, जमानत याचिका खारिज

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रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षाओं में कथित अनियमितता के मामले में जेल में बंद आयोग के पूर्व अध्यक्ष और झारखंड के पूर्व मुख्य सचिव एल खियांग्ते को अदालत से राहत नहीं मिली है। अपर न्यायायुक्त योगेश कुमार की अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी है। सिविल कोर्ट के अधिवक्ता संजय कुमार के मुताबिक, जमानत याचिका पर दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रखा था। अब अदालत ने अपना निर्णय सुनाते हुए एल खियांग्ते की जमानत याचिका को खारिज कर दिया।

बचाव पक्ष ने कहा- ठोस सबूत नहीं

जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान एल खियांग्ते की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल कुमार और अधिवक्ता चंदना कुमारी ने अदालत में पक्ष रखा। बचाव पक्ष ने दलील दी कि मामले में एल खियांग्ते के खिलाफ कोई ठोस साक्ष्य मौजूद नहीं है। वकीलों ने यह भी कहा कि जांच एजेंसी की ओर से की गई छापेमारी के दौरान भी खियांग्ते के खिलाफ कोई आपत्तिजनक सामग्री बरामद नहीं हुई। ऐसे में उन्हें जमानत का लाभ दिया जाना चाहिए।

CID ने जमानत का किया विरोध

वहीं, CID ने जमानत याचिका का विरोध करते हुए मामले को गंभीर बताया। जांच एजेंसी का आरोप है कि परीक्षा आयोजित कराने वाली एजेंसी TDPL को काम दिए जाने में एल खियांग्ते की भूमिका रही थी। CID के मुताबिक, TDPL की ओर से आयोजित परीक्षाओं में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही थी और इसकी जानकारी एल खियांग्ते को थी। इसके बावजूद उन्होंने कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं की। जांच एजेंसी ने यह भी आरोप लगाया है कि एल खियांग्ते ने TDPL से कथित तौर पर करीब 2 करोड़ रुपये कमीशन के रूप में लिए थे। हालांकि, ये आरोप जांच एजेंसी की ओर से लगाए गए हैं और मामले में अदालत के अंतिम निर्णय तक इन्हें आरोप के रूप में ही देखा जाएगा।

CID ने कहा- जांच प्रभावित होने का खतरा

CID ने अदालत में दलील दी कि मामले की जांच अभी महत्वपूर्ण चरण में है। ऐसे में एल खियांग्ते को जमानत मिलने पर जांच प्रभावित होने की आशंका है। इसी आधार पर जांच एजेंसी ने उनकी जमानत याचिका खारिज करने की मांग की।

24 से ज्यादा आरोपियों की गिरफ्तारी

JPSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर CID ने कांड संख्या 16/2026 दर्ज किया है। इसी मामले की जांच के दौरान एल खियांग्ते को गिरफ्तार किया गया था। CID ने उन्हें रिमांड पर लेकर पूछताछ भी की थी, जिसके बाद से वह न्यायिक हिरासत में जेल में बंद हैं। मामले में अब तक 24 से अधिक आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। JPSC में लंबे समय तक कार्यरत रहीं श्वेता गुप्ता और अभय तिवारी समेत कई अन्य आरोपी भी न्यायिक हिरासत में हैं।

आगे क्या?

एल खियांग्ते की जमानत याचिका खारिज होने के बाद फिलहाल उन्हें न्यायिक हिरासत में ही रहना होगा। दूसरी ओर, CID की जांच अभी जारी है और मामले में आने वाले दिनों में अन्य आरोपियों तथा कथित अनियमितताओं से जुड़े पहलुओं पर भी कार्रवाई की संभावना है।

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