न्यूयॉर्क में मोहन भागवत के कार्यक्रम पर विवाद, राम माधव बोले- विरोध से RSS को ही हुआ फायदा

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत के न्यूयॉर्क में होने वाले कार्यक्रम को लेकर अमेरिका में शुरू हुआ विरोध अब बड़े राजनीतिक विवाद में बदलता दिखाई दे रहा है। बीजेपी नेता राम माधव ने दावा किया है कि न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी और उनके समर्थकों के विरोध से कार्यक्रम की चर्चा और बढ़ गई है।
विरोध के बाद बढ़ी कार्यक्रम की चर्चा
मोहन भागवत का कार्यक्रम न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम को लेकर कुछ अमेरिकी संगठनों और मेयर जोहरान ममदानी की ओर से विरोध जताया गया था। ममदानी ने RSS की विचारधारा को लेकर अपनी आपत्ति सार्वजनिक रूप से रखी थी।
हालांकि, इस विरोध के बाद RSS समर्थक संगठनों की सक्रियता भी बढ़ गई। नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, कार्यक्रम के समर्थन में करीब 200 संगठन सक्रिय हुए, जबकि शुरुआत में विरोध करने वाले संगठनों की संख्या करीब 60 बताई गई।
राम माधव ने ममदानी पर साधा निशाना
बीजेपी उपाध्यक्ष राम माधव ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ममदानी और उनके साथ जुड़े लोगों के विरोध ने इस कार्यक्रम को और लोकप्रिय बनाने में मदद की है। उनका कहना है कि अब यह आयोजन पहले की अपेक्षा ज्यादा लोगों का ध्यान खींच सकता है।
राम माधव के मुताबिक, RSS और मोहन भागवत के लिए यह एक ऐसा अवसर बन गया है, जिससे संगठन अपनी बात पहले से ज्यादा बड़े अमेरिकी दर्शक वर्ग तक पहुंचा सकता है।
कैसे बढ़ा विवाद?
- मोहन भागवत के न्यूयॉर्क कार्यक्रम की घोषणा के बाद कुछ संगठनों ने विरोध शुरू किया।
- न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने भी कार्यक्रम को लेकर अपनी असहमति जाहिर की।
- ममदानी ने माना कि शहर के पास निजी तौर पर आयोजित इस कार्यक्रम को रोकने का अधिकार नहीं है।
- इसके बाद कार्यक्रम के समर्थन में कई हिंदू अमेरिकी संगठन सक्रिय हुए।
- आयोजन से जुड़े AHEAD के सोशल मीडिया अकाउंट के निलंबन ने भी विवाद को और बढ़ा दिया, जिसे बाद में बहाल कर दिया गया।
मैडिसन स्क्वायर गार्डन कार्यक्रम पर सबकी नजर
मोहन भागवत का यह अमेरिकी दौरा RSS की अंतरराष्ट्रीय पहुंच और प्रवासी भारतीय समुदाय के बीच संगठन की गतिविधियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कार्यक्रम को आयोजकों की ओर से अंतरधार्मिक संवाद और एकता से जुड़े आयोजन के रूप में पेश किया गया है, जबकि विरोध करने वाले संगठन RSS की विचारधारा और उसके अल्पसंख्यक अधिकारों से जुड़े रिकॉर्ड पर सवाल उठा रहे हैं।
अमेरिका से भारत तक राजनीतिक असर
इस पूरे विवाद ने अमेरिका में भारतीय मूल के लोगों के बीच भी बहस तेज कर दी है। वहीं भारत में भी RSS, बीजेपी और जोहरान ममदानी को लेकर राजनीतिक बयानबाजी बढ़ रही है।
राम माधव का मानना है कि जिस विरोध का उद्देश्य कार्यक्रम पर दबाव बनाना था, उसने इसके उलट RSS के आयोजन को ज्यादा चर्चा में ला दिया। हालांकि, यह दावा राजनीतिक प्रतिक्रिया है और कार्यक्रम के वास्तविक प्रभाव का आकलन आने वाले समय में ही किया जा सकेगा।
मोहन भागवत के न्यूयॉर्क कार्यक्रम को लेकर शुरू हुआ विरोध अब RSS समर्थकों और विरोधियों के बीच व्यापक राजनीतिक बहस का रूप ले चुका है। राम माधव ने इसे RSS के लिए अवसर बताया है, जबकि विरोधी संगठन अब भी कार्यक्रम और RSS की विचारधारा पर अपनी आपत्तियां कायम रखे हुए हैं।
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