बारिश और बाढ़ से कई राज्यों में हालात बिगड़े। केदारनाथ में यात्रा रोकी गई।बिहार में 16 जिलों पर बाढ़ का खतरा

देश के कई हिस्सों में लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने चिंता बढ़ा दी है। उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश और बाढ़ का असर दिखाई दे रहा है। कानपुर में पांडु नदी का पानी कई बस्तियों में घुस गया है, जबकि बिहार में करीब 16 जिले बाढ़ की चपेट में बताए जा रहे हैं। उधर, उत्तराखंड के केदारनाथ में भारी बारिश के चलते यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोका गया है और बद्रीनाथ हाईवे पर भी आवाजाही प्रभावित हुई है।
कानपुर में 150 से ज्यादा घरों में घुसा पानी
कानपुर में पांडु नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, 150 से ज्यादा घरों में 6 से 7 फीट तक पानी पहुंच गया है। इससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
वहीं, यूपी के कई अन्य जिलों में भी गंगा-यमुना समेत कई नदियां उफान पर हैं। राज्य के करीब 26 जिलों में बाढ़ जैसे हालात बताए गए हैं।
बिहार में करीब 5 लाख लोग प्रभावित
बिहार में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है। रिपोर्ट के अनुसार, 16 जिलों में करीब 5 लाख लोग प्रभावित हैं। गंगा समेत आठ प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
पटना में गंगा का जलस्तर भी बेहद चिंता का विषय बन गया है। गांधी घाट पर शनिवार सुबह नदी का पानी अब तक के उच्चतम बाढ़ स्तर से ऊपर पहुंच गया। चार घंटे के भीतर जलस्तर में करीब 10 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
राहत और बचाव के लिए टीमें तैनात
बिहार सरकार ने प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है। राज्य में 33 रेस्क्यू टीमें और करीब 700 सरकारी नावें तैनात की गई हैं। इनमें NDRF की 6 और SDRF की 27 टीमें शामिल हैं।
पटना, भागलपुर, मुंगेर और वैशाली समेत कई जिलों में प्रशासन की निगरानी बढ़ाई गई है। राहत शिविर और सामुदायिक रसोई भी संचालित की जा रही हैं।
केदारनाथ में भारी बारिश, यात्रियों को सुरक्षित जगह रोका
उत्तराखंड में भी मौसम ने मुश्किलें बढ़ाई हैं। केदारनाथ में भारी बारिश के कारण यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोक दिया गया है। वहीं चमोली में लगातार बारिश के चलते बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर आवाजाही प्रभावित हुई है और नंदप्रयाग के पास हाईवे बंद होने की जानकारी सामने आई है।
ऐसे मौसम में प्रशासन यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दे रहा है। पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन और सड़क बाधित होने का खतरा भी बना हुआ है।
मध्य प्रदेश में भी बारिश का असर
मध्य प्रदेश में भी शुक्रवार को बारिश का दौर जारी रहा। भोपाल में इस सीजन में पहली बार भदभदा डैम का एक गेट खोला गया। कई जिलों में नदी-नाले उफान पर हैं।
सतना के चित्रकूट में मंदाकिनी नदी के खतरे के निशान से ऊपर बहने की जानकारी सामने आई है।
आने वाले दिनों में भी सतर्क रहने की जरूरत
मौसम विभाग ने उत्तर भारत के कई हिस्सों में बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। 5 सितंबर को दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में भारी बारिश और तेज हवाओं की संभावना बताई गई है।
लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। फिलहाल प्रशासन की सबसे बड़ी चुनौती प्रभावित लोगों तक समय पर राहत पहुंचाना और बाढ़ के बढ़ते खतरे पर नजर बनाए रखना है।
बड़ी बातें
- यूपी के कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात।
- कानपुर में 150 से ज्यादा घरों में पानी घुसा।
- बिहार के 16 जिलों में करीब 5 लाख लोग प्रभावित।
- पटना में गंगा उच्चतम बाढ़ स्तर से ऊपर पहुंची।
- बिहार में NDRF-SDRF की 33 टीमें और करीब 700 नावें तैनात।
- केदारनाथ में भारी बारिश के कारण यात्रियों को रोका गया।
- चमोली में बद्रीनाथ हाईवे पर आवाजाही प्रभावित।
- मध्य प्रदेश में भी कई नदियां और नाले उफान पर।
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