पारस एचईसी हॉस्पिटल के ‘स्ट्राइड ऑफ चैंपियंस’ में मरीजों ने सुनाई रिकवरी की प्रेरक कहानी

रांची: घुटना और कूल्हा प्रत्यारोपण सर्जरी के बाद नई जिंदगी जी रहे मरीजों ने रविवार को अपने आत्मविश्वास और जज्बे से लोगों को प्रेरित किया। पारस एचईसी हॉस्पिटल, रांची की ओर से होटल रमाडा में आयोजित ‘स्ट्राइड ऑफ चैंपियंस’ कार्यक्रम में टोटल नी रिप्लेसमेंट (घुटना प्रत्यारोपण) और टोटल हिप रिप्लेसमेंट (कूल्हा प्रत्यारोपण) सर्जरी करा चुके मरीजों ने रैंप वॉक कर अपनी सफल रिकवरी की कहानी साझा की।
इस विशेष आयोजन में पारस हेल्थ के वरिष्ठ ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. विवेक डेविड और उनकी टीम की देखरेख में सफल सर्जरी करा चुके मरीजों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने बताया कि आधुनिक चिकित्सा तकनीक, विशेषज्ञ उपचार और नियमित पुनर्वास की मदद से सर्जरी के बाद भी सामान्य, सक्रिय और आत्मनिर्भर जीवन जिया जा सकता है।
रैंप वॉक के दौरान मरीज पूरे आत्मविश्वास के साथ मंच पर उतरे और अपने अनुभव साझा किए। उनकी कहानियों ने उपस्थित लोगों को भावुक भी किया और प्रेरित भी। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों के बीच यह संदेश पहुंचाना था कि घुटना और कूल्हा प्रत्यारोपण सर्जरी के बाद भी जीवन पूरी तरह सामान्य और सक्रिय बनाया जा सकता है।
इस अवसर पर डॉ. विवेक डेविड ने कहा कि घुटना और कूल्हा प्रत्यारोपण केवल एक सर्जरी नहीं, बल्कि मरीजों को नई जिंदगी देने की प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि मंच पर मरीजों को आत्मविश्वास के साथ चलते देखना किसी भी चिकित्सक के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि होती है। यह कार्यक्रम उन लोगों के लिए भी प्रेरणा है, जो अब तक सर्जरी को लेकर संशय या भय में जी रहे हैं।
वहीं, हॉस्पिटल के फैसिलिटी डायरेक्टर डॉ. नीतेश कुमार ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य घुटना और कूल्हा प्रत्यारोपण सर्जरी को लेकर समाज में फैली भ्रांतियों, डर और संकोच को दूर करना है। उन्होंने कहा कि उचित इलाज, विशेषज्ञ चिकित्सकीय सलाह और नियमित देखभाल से मरीज न केवल सामान्य जीवन में लौट सकते हैं, बल्कि पहले की तरह सक्रिय और आत्मनिर्भर भी बन सकते हैं।
कार्यक्रम के दौरान मरीजों और उनके परिजनों ने चिकित्सकों के प्रति आभार व्यक्त किया। उपस्थित लोगों ने रैंप वॉक में शामिल प्रतिभागियों के उत्साह, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच की सराहना की। ‘स्ट्राइड ऑफ चैंपियंस’ कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि सही इलाज और मजबूत इच्छाशक्ति के साथ हर चुनौती को पार किया जा सकता है।
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