भारतीय रुपया लगभग सपाट बंद, तेल की कीमतों में गिरावट का पूरा फायदा नहीं मिला; RBI की बैठक पर बाजार की नजर

भारतीय रुपया सोमवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले लगभग सपाट स्तर पर बंद हुआ। कारोबार की शुरुआत में रुपया तीन सप्ताह के उच्चतम स्तर तक पहुंच गया था, लेकिन दिन के अंत तक आयातकों और सरकारी बैंकों की ओर से डॉलर की मजबूत खरीदारी के कारण इसकी बढ़त लगभग खत्म हो गई।
सोमवार को रुपया इंट्रा-डे में 95.1275 प्रति डॉलर तक मजबूत हुआ। इसकी प्रमुख वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट रही। हालांकि बाद में डॉलर की मांग बढ़ने से रुपया 95.3375 प्रति डॉलर पर बंद हुआ, जबकि पिछले कारोबारी सत्र में यह 95.38 पर बंद हुआ था।
तेल की कीमतों में गिरावट से मिला सहारा
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमतों में गिरावट के बाद रुपये को शुरुआती मजबूती मिली। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान पर संभावित सैन्य कार्रवाई को फिलहाल रोककर परमाणु समझौते पर बातचीत को प्राथमिकता देने के संकेत से वैश्विक बाजारों में राहत का माहौल बना।
इसी वजह से एशियाई शेयर बाजारों के साथ-साथ भारतीय शेयर बाजार में भी सकारात्मक रुख देखने को मिला।
सरकारी बैंकों की डॉलर खरीद बनी रुकावट
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, जैसे ही रुपया 95.15 के आसपास पहुंचा, सरकारी बैंकों की ओर से डॉलर की भारी खरीदारी शुरू हो गई। माना जा रहा है कि यह खरीदारी बड़े आयातकों की हेजिंग जरूरतों को पूरा करने के लिए की गई थी।
इसी कारण तेल की कीमतों में गिरावट से मिलने वाला पूरा फायदा रुपये को नहीं मिल सका।
डॉलर इंडेक्स स्थिर, एशियाई मुद्राओं में मजबूती
अमेरिकी डॉलर इंडेक्स करीब 99.7 पर स्थिर रहा। वहीं अधिकांश एशियाई मुद्राओं में मजबूती दर्ज की गई।
जापानी येन तीन महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गया। रिपोर्टों के अनुसार अमेरिका और जापान ने कमजोर होती येन को समर्थन देने के लिए समन्वित हस्तक्षेप की पुष्टि की है और जापान ने येन खरीदने के लिए करीब 36.58 अरब डॉलर तक खर्च किए हो सकते हैं।
अब RBI की मौद्रिक नीति बैठक पर नजर
बाजार की निगाहें अब बुधवार को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक पर टिकी हैं।
अधिकांश अर्थशास्त्रियों का अनुमान है कि केंद्रीय बैंक इस बार रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं करेगा और ब्याज दरों को मौजूदा स्तर पर ही बरकरार रख सकता है।
आयातकों और निर्यातकों के लिए सलाह
विदेशी मुद्रा सलाहकार कंपनी IFA Global का कहना है कि:
- निर्यातक केवल मौजूदा ऑर्डर के अनुसार ही सावधानीपूर्वक हेजिंग करें।
- आयातकों के लिए मौजूदा डॉलर स्तर पर अपनी विदेशी मुद्रा जरूरतों को लॉक करना बेहतर रणनीति हो सकती है।
मुख्य बातें
- रुपया 95.3375 प्रति डॉलर पर लगभग सपाट बंद।
- शुरुआती कारोबार में तीन सप्ताह के उच्च स्तर तक पहुंचा।
- तेल की कीमतों में गिरावट से मिली मजबूती।
- सरकारी बैंकों और आयातकों की डॉलर खरीद से बढ़त सीमित।
- बुधवार को RBI की मौद्रिक नीति बैठक पर बाजार की नजर।
- विशेषज्ञों ने आयातकों और निर्यातकों को सावधानी से हेजिंग की सलाह दी।
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