प्रशांत किशोर ने रचा इतिहास, बांकीपुर उपचुनाव जीतकर जन सुराज का खुला खाता

पटना: बिहार की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। चुनावी रणनीतिकार से नेता बने प्रशांत किशोर ने बांकीपुर विधानसभा सीट के उपचुनाव में शानदार जीत दर्ज कर इतिहास रच दिया है। यह उनकी पहली चुनावी जीत है और इसी के साथ जन सुराज पार्टी ने भी पहली बार किसी विधानसभा सीट पर जीत हासिल कर अपना खाता खोल दिया।
करीब तीन दशक से भाजपा का मजबूत गढ़ मानी जाने वाली बांकीपुर सीट पर प्रशांत किशोर की जीत को बिहार की राजनीति में बड़ा राजनीतिक संदेश माना जा रहा है।
कैसा रहा चुनाव परिणाम?
उपलब्ध चुनावी आंकड़ों के अनुसार—
- प्रशांत किशोर (जन सुराज) – लगभग 63,203 से 63,946 वोट
- नीरज कुमार सिन्हा (भाजपा) – लगभग 44,250 से 44,700 वोट
- रेखा कुमारी (आरजेडी) – लगभग 14 हजार से अधिक वोट
प्रशांत किशोर ने भाजपा उम्मीदवार को करीब 19 हजार वोटों के अंतर से हराकर जीत दर्ज की।
30 साल बाद टूटा भाजपा का गढ़
बांकीपुर विधानसभा सीट (पूर्व में पटना वेस्ट) वर्ष 1995 से भाजपा का मजबूत गढ़ मानी जाती रही है। भाजपा के वरिष्ठ नेता नितिन नवीन के राज्यसभा जाने के बाद यह सीट खाली हुई थी, जिसके बाद यहां उपचुनाव कराया गया।
30 जुलाई को हुए मतदान में 34.30 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई थी।
जीत के बाद क्या बोले प्रशांत किशोर?
जीत के बाद प्रशांत किशोर ने कहा—
“30 साल का गढ़ 30 दिन में ढह गया।”
उन्होंने इसे केवल एक विधानसभा सीट की जीत नहीं, बल्कि बिहार की राजनीति में बदलाव का संकेत बताया।
उन्होंने कहा कि यह परिणाम भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के लिए भी एक संदेश है और बिहार को शिक्षा, रोजगार तथा भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर काम करने वाला सक्षम नेतृत्व चाहिए।
सम्राट चौधरी ने दी बधाई
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी प्रशांत किशोर को जीत की बधाई दी। हालांकि राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह परिणाम आगामी चुनावों से पहले बिहार की राजनीति का समीकरण बदल सकता है।
जन सुराज के लिए क्यों अहम है यह जीत?
2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में जन सुराज पार्टी अपना खाता नहीं खोल सकी थी। ऐसे में बांकीपुर उपचुनाव में मिली यह जीत पार्टी के लिए बड़ी राजनीतिक उपलब्धि मानी जा रही है।
यह जीत न केवल प्रशांत किशोर के राजनीतिक करियर की पहली सफलता है, बल्कि जन सुराज के संगठन और भविष्य की रणनीति को भी नई मजबूती देने वाली मानी जा रही है।
मुख्य बातें
- ✅ प्रशांत किशोर की पहली चुनावी जीत
- ✅ जन सुराज पार्टी का पहली बार विधानसभा में खाता खुला
- ✅ भाजपा का 30 साल पुराना गढ़ टूटा
- ✅ लगभग 19 हजार वोटों से मिली जीत
- ✅ बिहार की राजनीति में नए समीकरण बनने के संकेत
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