About News Box Bharat

News Box Bharat
News Box Bharat brings you the latest Hindi news, breaking news, and Jharkhand news, covering politics, business, sports, entertainment, and important national updates. Our mission is to keep you informed with timely news and reliable information.

Recent Posts

+91 6205-216-893 mailnewsboxbharat@gmail.com
Sunday, October 18, 2026
झारखंड मंत्रालय में कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन
झारखंड के किसानों के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कई बड़े निर्देश जारी किए हैं
JHARKHAND NEWS

किसानों के लिए हेमंत सोरेन का बड़ा फैसला, हर जिले में बनेगा मॉडल कृषि गांव

Share the post

रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड मंत्रालय में कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य सरकार की सभी किसान हितैषी योजनाओं का लाभ समय पर पात्र किसानों तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि किसानों को खाद, बीज, तकनीकी सलाह और अन्य आवश्यक संसाधन निर्धारित समय सीमा के भीतर उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। बैठक में कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की समेत विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

मिलेट और दलहन की खेती को मिलेगा बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने राज्य में मिलेट और दलहन की खेती को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि झारखंड में मिलेट उत्पादन की बड़ी संभावनाएं हैं और इसे किसानों की आय बढ़ाने का माध्यम बनाया जा सकता है। उन्होंने प्रत्येक जिले में कम से कम एक गांव या पंचायत को मॉडल कृषक पाठशाला के रूप में विकसित करने तथा किसानों को आधुनिक तकनीक आधारित खेती का प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए।

किसान समृद्धि योजना को तेज करने का निर्देश

मुख्यमंत्री ने किसान समृद्धि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर बल देते हुए कहा कि अधिक से अधिक किसानों को सौर ऊर्जा संचालित पंपसेट उपलब्ध कराए जाएं। इससे खेती की लागत कम होगी और किसानों की बिजली पर निर्भरता भी घटेगी। उन्होंने अधिकारियों को पीएम कुसुम योजना और जरेडा के साथ समन्वय बनाकर योजनाओं को तेजी से लागू करने के निर्देश दिए।

कम बारिश वाले इलाकों के लिए अलग रणनीति

बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य में कम वर्षा की स्थिति को गंभीर बताते हुए विशेष कार्ययोजना तैयार करने को कहा। उन्होंने पलामू प्रमंडल सहित कम बारिश वाले जिलों में किसानों को धान के बजाय दलहन, मिलेट और कम पानी वाली फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित करने का निर्देश दिया। साथ ही जैविक खेती, जल संरक्षण और व्यावसायिक कृषि मॉडल को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया।

मशरूम और मधुमक्खी पालन को मिलेगा प्रोत्साहन

मुख्यमंत्री ने प्रत्येक जिले में मशरूम प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने और महिलाओं को मशरूम उत्पादन से जोड़ने का निर्देश दिया। उन्होंने महिला किसान समूह बनाकर मशरूम उत्पादन एवं स्पॉन तैयार करने का प्रशिक्षण देने की बात कही। इसके अलावा मधुमक्खी पालन करने वाले किसानों को सुरक्षा किट उपलब्ध कराने और इस क्षेत्र को भी रोजगार के बेहतर विकल्प के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए।

मॉडल कृषि गांव विकसित करने की तैयारी

हेमंत सोरेन ने कहा कि प्रत्येक जिले में एक गांव या पंचायत का चयन कर उसे मॉडल कृषि गांव के रूप में विकसित किया जाए। इसके तहत मिट्टी परीक्षण, सिंचाई, आधुनिक खेती और सरकारी योजनाओं का समग्र लाभ किसानों तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ सीमित किसानों तक न रहकर अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों तक पहुंचे, इसके लिए पारदर्शी व्यवस्था बनाई जाए।

पशुपालन और डेयरी सेक्टर पर विशेष फोकस

मुख्यमंत्री ने पशुपालन विभाग की समीक्षा के दौरान दुग्ध उत्पादन, बकरी पालन, सूकर पालन, कुक्कुट पालन और मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन को रोजगार और आय का मजबूत माध्यम बनाने पर जोर दिया। साथ ही आधुनिक पशु चिकित्सालय, नियमित टीकाकरण और डेयरी क्षेत्र को मजबूत करने के लिए भी आवश्यक कदम उठाने को कहा।मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसानों को मौसम आधारित सलाह, उन्नत बीज, आधुनिक कृषि तकनीक और बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए विशेष कार्ययोजना बनाई जाए।उन्होंने कहा कि सभी योजनाओं की जिला और प्रखंड स्तर पर नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए ताकि उनका लाभ वास्तविक किसानों तक पहुंच सके। बैठक में मुख्यमंत्री ने लैम्प्स (LAMPS), पैक्स (PACS) और अन्य सहकारी समितियों को अधिक सक्रिय बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों से कृषि उत्पाद की खरीद, भुगतान और बीज वितरण की व्यवस्था को और पारदर्शी तथा प्रभावी बनाया जाए।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संवाद

समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से गढ़वा जिले की किसान पाठशाला का निरीक्षण किया और वहां चल रही गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने दुमका और जामताड़ा के किसानों एवं कृषि अधिकारियों से भी बातचीत कर खेती, सरकारी योजनाओं और काजू उत्पादन की स्थिति की जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ हर पात्र किसान, पशुपालक और ग्रामीण परिवार तक पहुंचाना है। इसके लिए सभी विभागों को पारदर्शिता, जवाबदेही और बेहतर समन्वय के साथ कार्य करना होगा।

Leave a Response