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Monday, October 26, 2026
धर्मेंद्र प्रधान के शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफे के बाद की सांकेतिक तस्वीर
NEET पेपर लीक और CJP छात्र आंदोलन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया। जानिए पूरा घटनाक्रम, उनका बयान और राजनीतिक पृष्ठभूमि।
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धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दिया, CJP छात्र आंदोलन के बीच लिया बड़ा फैसला

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NEET पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं के खिलाफ दिल्ली के जंतर मंतर पर एक महीने से अधिक समय से चल रहे Cockroach Janta Party (CJP) के छात्र आंदोलन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा सौंप दिया है।

धर्मेंद्र प्रधान भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते हैं। उनका जन्म 26 जून 1969 को तलचर, अंगुल जिला, ओडिशा में हुआ था। उनके पिता देवेंद्र प्रधान भी भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रहे हैं। छात्र जीवन में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से जुड़े धर्मेंद्र प्रधान ने उत्कल विश्वविद्यालय से मानव विज्ञान (Anthropology) में स्नातकोत्तर की पढ़ाई की और यहीं से उनकी राजनीतिक यात्रा शुरू हुई। उन्होंने 1998 में पहली बार लोकसभा चुनाव जीता और बाद में राज्यसभा सदस्य बने। केंद्र सरकार में वे पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस, कौशल विकास एवं उद्यमिता तथा शिक्षा मंत्री जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।

भौगोलिक दृष्टि से धर्मेंद्र प्रधान का संबंध ओडिशा के अंगुल जिले के तलचर से है। तलचर देश के प्रमुख कोयला खनन और ऊर्जा उत्पादन क्षेत्रों में शामिल है। यहां बड़े कोयला भंडार, ताप विद्युत परियोजनाएं और कई औद्योगिक इकाइयां स्थित हैं, जिसके कारण यह ओडिशा की औद्योगिक अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है।

शनिवार को प्रधान ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर अपने इस्तीफे की घोषणा की, ठीक उसी समय जब CJP और केंद्र सरकार के बीच तीसरे दौर की बातचीत होने वाली थी।

मुख्य मांग पूरी

धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा जंतर मंतर पर डटे छात्रों की प्रमुख मांग थी। प्रदर्शनकारियों की अन्य प्रमुख मांगें थीं—

  • छात्र प्रदर्शनकारियों पर कोई कानूनी कार्रवाई न हो।
  • NEET पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा मिले।

सरकार ने शुक्रवार को इन दोनों मांगों पर आश्वासन दिया था, लेकिन शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अब तक कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं दी थी।

प्रधान का बयान

इस्तीफा देते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने एक्स पर लिखा,

“मैं देश के युवाओं की आकांक्षाओं, भावनाओं और उचित अपेक्षाओं का गहरा सम्मान करता हूं। भारत की युवा पीढ़ी के सपनों को साकार करना हमारे राजनीतिक और सामाजिक जीवन का नैतिक संकल्प रहा है। माननीय प्रधानमंत्री को धन्यवाद, जिनके दूरदर्शी नेतृत्व में मुझे देश की सेवा का अवसर मिला।”

उन्होंने आगे कहा कि देश की युवा शक्ति को भ्रम के जाल में नहीं फंसने देंगे और जंतर मंतर पर बनी स्थिति का देश-विरोधी ताकतें फायदा न उठा सकें, इसलिए उन्होंने इस्तीफा देने का निर्णय लिया।

जंतर मंतर पर जश्न

इस्तीफे की खबर सामने आते ही जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों में जश्न का माहौल बन गया। CJP ने सोशल मीडिया पर “Long Live Student Power” लिखकर अपनी प्रतिक्रिया दी।

CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने मंच से कहा,

“हमने कर दिखाया। वे कहते थे कि इस सरकार में कोई इस्तीफा नहीं देता, लेकिन हमने कर दिखाया।”

यह आंदोलन पिछले कुछ दिनों में देश के कई शहरों तक फैल गया था और विपक्षी दलों के समर्थन के बाद यह राष्ट्रीय स्तर का बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गया।

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी किसे सौंपी जाएगी।

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