Asian Games। एशियाड में भारत का शानदार रिकॉर्ड। इन खेलों में सबसे ज्यादा मेडल। दो बार कर चुका है मेजबानी

एशियन गेम्स 2026 का आगाज 19 सितंबर से जापान के आइची-नागोया में होने जा रहा है। इससे पहले भारत के एशियन गेम्स इतिहास पर नजर डालें तो देश ने इस महाद्वीपीय खेल आयोजन में लगातार अपनी स्थिति मजबूत की है। 2022 के हांगझोउ एशियन गेम्स में भारत ने पहली बार 100 से ज्यादा मेडल जीतते हुए कुल 107 पदक हासिल किए थे। अब 2026 में भारतीय दल इस प्रदर्शन को और बेहतर करने के लक्ष्य के साथ उतरेगा।
एशियन गेम्स की मेजबानी भारत ने कितनी बार की?
भारत ने अब तक दो बार एशियन गेम्स की मेजबानी की है। पहली बार 1951 में नई दिल्ली में एशियन गेम्स का पहला संस्करण आयोजित हुआ था। इसके बाद 1982 में भी दिल्ली ने एशियाई खेलों की मेजबानी की।
1951 में दिल्ली को पहले एशियन गेम्स की मेजबानी सर्वसम्मति से मिली थी। इस प्रतियोगिता में 11 देशों के 489 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था। मेजबान भारत 51 पदकों के साथ दूसरे स्थान पर रहा था।
1982 में दिल्ली ने नौवें एशियन गेम्स की मेजबानी की। इस संस्करण में भारत ने 13 गोल्ड, 19 सिल्वर और 25 ब्रॉन्ज यानी कुल 57 पदक जीते और पदक तालिका में पांचवें स्थान पर रहा।
एशियन गेम्स में भारत का सबसे बड़ा प्रदर्शन
भारत का अब तक का सबसे शानदार प्रदर्शन 2022 हांगझोउ एशियन गेम्स में रहा। इस प्रतियोगिता में भारतीय खिलाड़ियों ने कुल 107 पदक जीते, जिसमें 28 गोल्ड, 38 सिल्वर और 41 ब्रॉन्ज शामिल थे। भारत पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा।
इससे पहले भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2018 के जकार्ता-पालेमबांग एशियन गेम्स में 70 पदकों का था। भारतीय ओलंपिक संघ के अनुसार 2018 तक भारत एशियन गेम्स में 672 पदक जीत चुका था।
किन खेलों में भारत सबसे ज्यादा मेडल जीतता है?
एशियन गेम्स के इतिहास में एथलेटिक्स भारत का सबसे मजबूत खेल रहा है। उपलब्ध ऐतिहासिक आंकड़ों के अनुसार भारत ने एथलेटिक्स में 283 पदक जीते हैं, जिनमें 85 गोल्ड, 102 सिल्वर और 96 ब्रॉन्ज शामिल हैं।
इसके बाद शूटिंग, कुश्ती, बॉक्सिंग, टेनिस और कबड्डी जैसे खेलों में भी भारत का रिकॉर्ड मजबूत रहा है।
| खेल | गोल्ड | सिल्वर | ब्रॉन्ज | कुल |
|---|---|---|---|---|
| एथलेटिक्स | 85 | 102 | 96 | 283 |
| शूटिंग | 16 | 30 | 34 | 80 |
| कुश्ती | 11 | 15 | 39 | 65 |
| बॉक्सिंग | 9 | 17 | 36 | 62 |
| टेनिस | 10 | 7 | 17 | 34 |
| हॉकी | 5 | 11 | 7 | 23 |
| तीरंदाजी | 6 | 6 | 7 | 19 |
| कबड्डी | 11 | 1 | 1 | 13 |
एथलेटिक्स में सबसे मजबूत भारत
एथलेटिक्स में भारत का दबदबा एशियन गेम्स के शुरुआती दौर से ही रहा है। 1951 के पहले एशियन गेम्स में भारत ने एथलेटिक्स में कई गोल्ड जीते थे। 1982 में भी एथलेटिक्स भारत के लिए सबसे सफल खेलों में रहा और देश ने इस खेल में कुल 21 पदक हासिल किए थे।
कबड्डी में भारत का दबदबा
कबड्डी भारत के सबसे सफल खेलों में से एक है। एशियन गेम्स में भारत ने इस खेल में 11 गोल्ड सहित 13 पदक जीते हैं।
क्रिकेट भी अब भारत के लिए एक महत्वपूर्ण पदक स्रोत बन चुका है। 2022 में पुरुष और महिला दोनों क्रिकेट टीमों ने गोल्ड मेडल जीता था। 2026 में भारत दोनों खिताबों का बचाव करने उतरेगा।
2026 में भारत की बड़ी उम्मीदें
आइची-नागोया एशियन गेम्स में भारत का 502 खिलाड़ियों वाला दल 35 खेलों में हिस्सा लेगा। एथलेटिक्स में सबसे ज्यादा 73 भारतीय खिलाड़ी शामिल हैं, जबकि हॉकी में 40 और शूटिंग तथा क्रिकेट में 30-30 खिलाड़ी हिस्सा लेंगे।
भारत के सामने 2022 के 107 पदकों के रिकॉर्ड को पार करने की चुनौती होगी। खासतौर पर एथलेटिक्स, शूटिंग, कुश्ती, बॉक्सिंग, तीरंदाजी, हॉकी, कबड्डी और क्रिकेट से देश को बड़ी उम्मीदें हैं।
एशियन गेम्स के इतिहास में भारत का सफर 1951 की मेजबानी से शुरू हुआ था। तब से लेकर अब तक भारतीय खिलाड़ियों ने कई खेलों में अपनी मजबूत पहचान बनाई है। एथलेटिक्स भारत का सबसे बड़ा पदक स्रोत रहा है, जबकि कबड्डी में देश का दबदबा बेहद खास रहा है। 2022 में 107 पदकों का ऐतिहासिक प्रदर्शन करने के बाद अब 2026 में भारतीय दल की नजर एक और बड़े रिकॉर्ड पर है।
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