रवनीत सिंह बिट्टू ने मोदी कैबिनेट से दिया इस्तीफा, राष्ट्रपति ने तुरंत मंजूर किया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार में रेल राज्य मंत्री रहे रवनीत सिंह बिट्टू ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री की सलाह पर उनका इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया।
राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी आधिकारिक अधिसूचना के मुताबिक, यह निर्णय भारतीय संविधान के अनुच्छेद 75(2) के तहत लिया गया है।
क्यों दिया इस्तीफा?
रवनीत सिंह बिट्टू का राज्यसभा सदस्य के रूप में कार्यकाल 21 जून 2026 को समाप्त हो गया था। भाजपा ने उन्हें दोबारा राज्यसभा नहीं भेजा, जिसके बाद उन्होंने मंत्री पद छोड़ने का फैसला किया। अब उनका पूरा ध्यान पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों और संगठन को मजबूत करने पर रहेगा।
इस्तीफे के बाद क्या बोले बिट्टू?
इस्तीफा स्वीकार होने के बाद रवनीत सिंह बिट्टू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय राज्य मंत्री के रूप में देश और विशेष रूप से पंजाब की जनता की सेवा करना उनके लिए गर्व और सम्मान की बात रही। उन्होंने यह भी कहा कि वे विकसित भारत के संकल्प, राष्ट्रहित और जनसेवा के लिए पहले की तरह पूरी निष्ठा के साथ काम करते रहेंगे।
रवनीत सिंह बिट्टू का राजनीतिक सफर
- पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के पोते हैं।
- वर्ष 2024 में कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए।
- 2024 लोकसभा चुनाव में लुधियाना सीट से चुनाव हारने के बाद राजस्थान से राज्यसभा भेजे गए।
- जून 2024 से रेल राज्य मंत्री और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री के रूप में कार्यभार संभाला।
आगे क्या?
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मंत्री पद से इस्तीफे के बाद रवनीत सिंह बिट्टू अब पंजाब में भाजपा के संगठन को मजबूत करने और 2027 विधानसभा चुनाव की रणनीति तैयार करने में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
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