जब सिस्टम चुप हो जाए, तो सड़कें बोलने लगती हैं… किरण बेदी की एक सीख

Share the postदिल्ली का जंतर-मंतर… जून की तपती दोपहर… हाथों में तख्तियां लिए कुछ छात्र खड़े थे। उनकी मांग सिर्फ एक थी—NEET पेपर लीक की निष्पक्ष जांच और जवाबदेही। 20 जून को शुरू हुआ यह छोटा-सा विरोध धीरे-धीरे एक बड़े आंदोलन में बदल गया। “कॉकरोच जनता पार्टी (CJP)” के बैनर तले शुरू हुई आवाज़ कुछ … Continue reading जब सिस्टम चुप हो जाए, तो सड़कें बोलने लगती हैं… किरण बेदी की एक सीख