iPhone की मांग को लेकर विवाद, संभाजीनगर में उजड़ा पूरा परिवार; घर में अकेला रह गया पालतू कुत्ता

महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में एक पारिवारिक विवाद ने बेहद दर्दनाक मोड़ ले लिया। 19 वर्षीय कुणाल चंद्रगुडे की अपने माता-पिता से iPhone को लेकर बहस हुई थी। इसके बाद वह पहाड़ी की ओर चला गया। उसे समझाने पहुंचे पिता मुरलीधर चंद्रगुडे और मां संगीता भी इस हादसे में जान गंवा बैठे। घटना के बाद परिवार के घर में अब सिर्फ उनका पालतू कुत्ता रह गया है।
बेटे को समझाने पहुंचे थे माता-पिता
जानकारी के मुताबिक, कुणाल का अपने माता-पिता से नया iPhone लेने को लेकर विवाद हुआ था। नाराज होकर वह पहाड़ी की तरफ चला गया। बेटे की चिंता में पिता और मां भी उसे वापस लाने और समझाने के लिए वहां पहुंचे।
बेटे को रोकने की कोशिश के दौरान पिता और कुणाल दोनों पहाड़ी से नीचे गिर गए। इसके बाद मां संगीता ने भी सदमे में अपनी जान गंवा दी। इस घटना में परिवार के तीनों सदस्यों की मौत हो गई।
घर में अब सिर्फ पालतू कुत्ता
इस घटना का सबसे भावुक पहलू यह है कि परिवार का पालतू कुत्ता अब घर में अकेला रह गया है। रिपोर्ट के अनुसार, कुणाल अपने कुत्ते से बेहद जुड़ा हुआ था और उसे अक्सर घुमाने ले जाता था।
परिवार के तीनों सदस्यों की मौत के बाद कुत्ता घर में बंद है। पड़ोसियों के मुताबिक वह लगातार आवाज कर रहा है और खाना-पानी भी ठीक से नहीं ले रहा। लोगों ने पुलिस और प्रशासन से उसे घर से बाहर निकालकर सुरक्षित जगह पर रखने की अपील की है।
कुछ महीने पहले ही यहां आया था परिवार
मकान मालिक के मुताबिक, चंद्रगुडे परिवार कुछ महीने पहले ही इस घर में रहने आया था। मृतक मुरलीधर चंद्रगुडे ट्रक ड्राइवर थे और काम के सिलसिले में अक्सर बाहर रहते थे। पड़ोसियों ने बताया कि परिवार सामान्य जीवन जी रहा था और किसी को अंदाजा नहीं था कि इतनी बड़ी त्रासदी होने वाली है।
परिवारों के लिए एक गंभीर सबक
यह घटना दिखाती है कि बच्चों और माता-पिता के बीच किसी मांग या विवाद को बेहद तनावपूर्ण स्थिति तक पहुंचने से रोकना कितना जरूरी है। महंगे सामान की मांग या घरेलू बहस से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण परिवार के सदस्यों की सुरक्षा और मानसिक स्थिति है।
अगर किसी व्यक्ति में खुद को नुकसान पहुंचाने का संकेत दिखे, तो उसे अकेला न छोड़ें और तुरंत परिवार, भरोसेमंद व्यक्ति या स्थानीय आपात सहायता से संपर्क करें।
संभाजीनगर की यह घटना पूरे परिवार को गहरे सदमे में छोड़ गई है। एक तरफ तीन जिंदगियां खत्म हो गईं, वहीं दूसरी तरफ उनका पालतू कुत्ता उसी घर में अपने मालिकों के लौटने का इंतजार कर रहा है। यह घटना परिवारों को संवाद, संयम और मुश्किल समय में समय रहते मदद लेने की अहमियत याद दिलाती है।
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