About me

News Box Bharat
Welcome to News Box Bharat, your one-stop destination for comprehensive news coverage and insightful analysis. With a commitment to delivering reliable information and promoting responsible journalism, we strive to keep you informed about the latest happenings from across the nation and the world. In this rapidly evolving era, staying updated and making sense of the news is crucial, and we are here to simplify the process for you.

Recent Posts

+91 6205-216-893 info@newsboxbharat.com
Wednesday, May 22, 2024
Economy

कनेक्शन रांची: आपके पीएफ के पैसे पर भी जालसाजों की नजर | रुपए निकालने को बदला आधार डेटा, एक गिरफ्तार

कनेक्शन रांची: आपके पीएफ के पैसे पर भी जालसाजों की नजर | रुपए निकालने को बदला आधार डेटा, एक गिरफ्तार
Share the post

रांची। सीबीआई ने आधार कार्ड विवरण में हेराफेरी कर ऑनलाइन दावों के माध्यम से कुछ लोगों की भविष्य निधि (PF) निकालने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। इस आरोपी का कनेक्शन रांची से भी जुड़ा हुआ है। गिरोह के सरगना दिल्ली के प्रियांशु कुमार ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर यह धोखाधड़ी की, जहां उसने कथित तौर पर ऐसे व्यक्ति को निशाना बनाया, जिनके आधार कार्ड उनके पीएफ खाते से जुड़े नहीं थे। आरोप है कि गिरोह ने कथित तौर पर रांची, नागपुर, औरंगाबाद पटना जैसे विभिन्न शहरों में प्रतिष्ठानों को पंजीकृत कराया। जिसमें पीएफ कवरेज बिना किसी भौतिक सत्यापन के ऑनलाइन लिया गया था। जांच के दौरान यह सामने आया कि इन प्रतिष्ठानों से जुड़ी विशिष्ट खाता संख्या (UAAN) कुल अंशदाई खातों की तुलना में बहुत अधिक थी।

1.83 करोड़ रुपए की हेराफेरी की गई

कर्मचारी भविष्य निधि के 11 सदस्यों को 39 फर्जी दावों के जरिए ठगा गया और 1.83 करोड़ रुपए की हेराफेरी की गई। एजेंसी ने 8 फरवरी 2022 को कर्मचारी भविष्य निधि संगठन की शिकायत पर 7 प्रतिष्ठानों और अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। जिसमें वास्तविक लाभार्थियों के पीएफ खातों से अवैध रूप से धन निकालने की उद्देश्य पहचान की चोरी से जुड़ी कथित धोखाधड़ी संबंधी गतिविधियां शामिल थी।

झारखंड, बिहार और दिल्ली में तलाशी ली गई थी

सीबीआई ने बताया कि गिरोह ने कथित तौर पर अपने प्रतिष्ठानों में वास्तविक कर्मचारियों की यूएएन पंजीकृत किए और उन्हें केवल 1 दिन के लिए अपने कर्मचारियों के रूप में देखा है। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि यूएएन वाले वास्तविक कर्मचारियों ने कभी फर्जी नियुक्तियों के साथ काम नहीं किया था। लेकिन कर्मचारियों को दिनभर की सेवा दिखा कर इस गिरोह को अपने केवाईसी विवरण बदलने की सुविधा दी गई है। सीबीआई ने झारखंड, बिहार और दिल्ली में कुमार और उनके 8 परिसरों की तलाशी ली थी,  जिसमें विभिन्न दस्तावेजों मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, चेक बुक और पासबुक समेत अन्य कागजात बरामद हुए थे। सीबीआई की विशेष अदालत ने कुमार को 4 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है।

Leave a Response