केरल हाउस में हंगामा: कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार पुलिस हिरासत में, जानिए पूरा मामला

कांग्रेस नेता और अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी (AICC) के NSUI प्रभारी कन्हैया कुमार को शुक्रवार को दिल्ली पुलिस ने केरल हाउस से हिरासत में लिया। यह कार्रवाई केरल के रेसिडेंट कमिश्नर की शिकायत के बाद की गई। घटना को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
क्या है पूरा मामला?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कन्हैया कुमार अपने एक दोस्त के नाम पर बुक किए गए कमरे में ठहरने के लिए केरल हाउस पहुंचे थे। वहां मौजूद अधिकारियों ने उन्हें बताया कि फिलहाल कोई कमरा उपलब्ध नहीं है। इसके बाद वे इस संबंध में स्पष्टीकरण लेने के लिए केरल के रेसिडेंट कमिश्नर से मिलने पहुंचे।
बताया जा रहा है कि बातचीत के दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस और कथित झड़प हो गई। इसके बाद रेसिडेंट कमिश्नर ने दिल्ली पुलिस को बुलाया और कन्हैया कुमार को परिसर से हटाने का अनुरोध किया। पुलिस उन्हें हिरासत में लेकर चली गई।
हिरासत में क्या बोले कन्हैया कुमार?
पुलिस हिरासत में ले जाने के दौरान कन्हैया कुमार ने पत्रकारों से बातचीत में रेसिडेंट कमिश्नर की टिप्पणियों पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि उन्हें बताया गया था कि केरल के राज्यपाल राजेंद्र अरलेकर केरल हाउस आने वाले हैं।
उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा,
“गवर्नर आ रहे थे और गवर्नर राजा होता है।”
कन्हैया कुमार ने यह भी कहा कि वे केवल अपने दोस्त से मिलने आए थे। उन्होंने अपनी हिरासत की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि “यह अमित शाह और दिल्ली पुलिस का व्यवहार है।”
फिलहाल कहां हैं कन्हैया कुमार?
कन्हैया कुमार के कार्यालय के अनुसार, उन्हें दिल्ली के जाफरपुर कलां पुलिस स्टेशन ले जाया गया है, जहां वे फिलहाल पुलिस हिरासत में हैं। उनके कार्यालय ने बताया कि मामले की पूरी जानकारी जुटाई जा रही है और कानूनी सहायता के लिए वकीलों की टीम भेजी जा रही है।
क्यों चर्चा में है केरल हाउस?
दिल्ली के जंतर-मंतर रोड स्थित केरल हाउस पहले भी कई राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियों के कारण चर्चा में रहा है। अतीत में किसानों और पहलवानों के आंदोलन के दौरान भी यह परिसर सुर्खियों में रहा था, जब केरल सरकार ने प्रदर्शनकारी खिलाड़ियों को यहां ठहरने की सुविधा उपलब्ध कराई थी।
कन्हैया कुमार लगातार उठा रहे हैं शिक्षा से जुड़े मुद्दे
पूर्व JNUSU अध्यक्ष रह चुके कन्हैया कुमार पिछले कुछ समय से पेपर लीक, बेरोजगारी और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर लगातार केंद्र सरकार को घेरते रहे हैं। हाल ही में उन्होंने आरोप लगाया था कि मोदी सरकार ने देश की शिक्षा व्यवस्था को “ICU” में पहुंचा दिया है। साथ ही उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच की भी मांग की थी।
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