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Thursday, October 29, 2026
कतर में ड्रोन हमले के बाद एलएनजी प्लांट में विस्फोट का दृश्य, भारतीय ऑयल के LNG टैंक, गिरता ग्राफ, LNG जहाज और स्पॉट टेंडर की तैयारी दिखाते उद्योग कर्मी — भारत में गैस आपूर्ति 10–30% कटौती का प्रतीकात्मक चित्र।
कतर में ड्रोन हमले के बाद भारत में गैस आपूर्ति 10–30% तक घटी, कंपनियां स्पॉट खरीद की तैयारी में
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कतर में ड्रोन हमले के बाद भारत में गैस आपूर्ति 10–30% तक घटी | कंपनियां स्पॉट खरीद की तैयारी में

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Iran-Israel War: कतर में ड्रोन हमले के बाद देश की शीर्ष गैस उत्पादक कंपनी द्वारा तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) उत्पादन अस्थायी रूप से रोक दिए जाने की आशंका के बीच भारत में कंपनियों ने उद्योगों को प्राकृतिक गैस की आपूर्ति घटानी शुरू कर दी है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने मामले से जुड़े चार उद्योग सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी है। अल जजीरा के अनुसार भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा एलएनजी आयातक है और अपनी जरूरतों के लिए मध्य-पूर्व के उत्पादकों पर काफी निर्भर है। भारत, अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी (ADNOC) का सबसे बड़ा एलएनजी ग्राहक है, जबकि कतर से एलएनजी खरीदने के मामले में वह दूसरे स्थान पर आता है। देश की प्रमुख एलएनजी आयातक कंपनी पेट्रोनेट एलएनजी लिमिटेड ने गैस विपणन की अग्रणी कंपनी गेल (इंडिया) और अन्य कंपनियों को आपूर्ति में कमी की सूचना दे दी है। सूत्रों के अनुसार, गेल और इंडियन ऑयल कॉर्प ने सोमवार देर रात अपने ग्राहकों को गैस आपूर्ति में कटौती की जानकारी दी। रिपोर्ट के मुताबिक, आपूर्ति में 10 प्रतिशत से लेकर 30 प्रतिशत तक की कटौती की गई है। सूत्रों का कहना है कि कटौती न्यूनतम उठाव (मिनिमम लिफ्टिंग क्वांटिटी) के आधार पर तय की गई है, ताकि अनुबंध की शर्तों के तहत ग्राहकों से किसी प्रकार का जुर्माना न लगे। एलएनजी की कमी को पूरा करने के लिए इंडियन ऑयल कॉर्प, गेल और पेट्रोनेट एलएनजी जैसी कंपनियां स्पॉट टेंडर जारी करने की योजना बना रही हैं। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट कीमतों, मालभाड़ा और बीमा लागत में भी तेज उछाल देखा जा रहा है, जिससे आयात महंगा पड़ सकता है।

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