ज्ञानेश कुमार को भारत रत्न देने की मांग। यूसुफ पठान से जुड़ी NCPI ने PM मोदी को लिखा पत्र

नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को लेकर देश में राजनीतिक बहस के बीच उन्हें भारत रत्न देने की मांग भी सामने आई है। नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) ने इस संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर ज्ञानेश कुमार को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान के लिए विचार करने का अनुरोध किया है।
NCPI ने पत्र में क्या कहा?
NCPI के राष्ट्रीय अध्यक्ष ज्योति प्रकाश चटर्जी ने प्रधानमंत्री को भेजे पत्र में 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान चुनाव आयोग के कामकाज और ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व की प्रशंसा की। पार्टी ने चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और विश्वसनीय बताते हुए उनके योगदान का उल्लेख किया।
पार्टी का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया में उनके योगदान को देखते हुए ज्ञानेश कुमार को भारत रत्न देने पर विचार किया जाना चाहिए। यह मांग ऐसे समय आई है जब विपक्षी दल SIR (Special Intensive Revision) और चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं।
यूसुफ पठान का भी पार्टी से संबंध
इस मामले में एक और महत्वपूर्ण बात यह है कि NCPI में पूर्व क्रिकेटर और सांसद यूसुफ पठान समेत तृणमूल कांग्रेस के सात बागी सांसद पार्टी के पदाधिकारी बताए गए हैं। हालांकि, भारत रत्न की मांग संबंधी पत्र NCPI अध्यक्ष ज्योति प्रकाश चटर्जी की ओर से भेजा गया है।
विपक्ष की ओर से अलग रुख
दूसरी ओर, विपक्षी दलों की ओर से ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग को लेकर आलोचना जारी है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बताया है कि इंडिया गठबंधन के सांसद 6 अक्टूबर को चुनाव आयोग तक मार्च करेंगे। विपक्ष SIR के दौरान मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने का आरोप लगा रहा है।
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी ज्ञानेश कुमार को सम्मान दिए जाने की मांग पर तंज कसा और भारत रत्न की बात कही। उनके बयान का संदर्भ चुनाव आयोग को लेकर चल रही राजनीतिक बहस से जुड़ा था।
फिलहाल, भारत रत्न देने को लेकर केंद्र सरकार की ओर से कोई निर्णय घोषित नहीं किया गया है। NCPI की मांग को एक राजनीतिक दल द्वारा की गई मांग के रूप में देखा जाना चाहिए, न कि किसी आधिकारिक सम्मान की घोषणा के रूप में।
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