बंगाल की खाड़ी में बदला मौसम का मिजाज। कमजोर हुआ डिप्रेशन। झारखंड समेत इन राज्यों में बारिश का अनुमान

बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पूर्वी हिस्से और म्यांमार के तटीय क्षेत्र के पास बना डिप्रेशन अब धीरे-धीरे कमजोर हो रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, यह सिस्टम उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है और अगले कुछ घंटों में इसके कमजोर होकर अच्छी तरह बने कम दबाव वाले क्षेत्र में बदलने की संभावना है।
म्यांमार से बांग्लादेश और पूर्वोत्तर की ओर बढ़ रहा सिस्टम
IMD के मुताबिक, 29 सितंबर की रात तक डिप्रेशन म्यांमार के मिंडाट के पास मौजूद था। उस समय यह करीब 13 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ रहा था। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 24 घंटों में यह दक्षिण-पूर्वी बांग्लादेश, म्यांमार के आसपास के इलाकों तथा मिजोरम और त्रिपुरा की ओर बढ़ सकता है।
म्यांमार के मौसम विभाग ने भी 30 सितंबर को बताया कि यह सिस्टम कमजोर होकर Well-Marked Low Pressure Area में बदल चुका है और उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसके म्यांमार के चिन क्षेत्र, दक्षिण-पूर्वी बांग्लादेश और मिजोरम की ओर बढ़ने की संभावना जताई गई है।
बंगाल की खाड़ी और तटीय इलाकों में मौसम बदलेगा
इस मौसम प्रणाली के कारण बंगाल की खाड़ी और आसपास के क्षेत्रों में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। IMD के अनुसार, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में कुछ जगहों पर बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों में भी बारिश की संभावना है।
मौसम विभाग ने अंडमान सागर की समुद्री स्थिति को लेकर भी सावधानी बरतने की बात कही है। 30 सितंबर की रात तक वहां करीब 1.1 से 2 मीटर ऊंची स्वेल वेव्स यानी लंबी समुद्री लहरें उठने की संभावना जताई गई है।
झारखंड समेत कई राज्यों में बारिश का अनुमान
इस सिस्टम का सीधा असर भले ही पूर्वोत्तर और म्यांमार-बांग्लादेश क्षेत्र में ज्यादा रहने की संभावना है, लेकिन देश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। IMD के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, झारखंड, बिहार, ओडिशा, पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों और पूर्वी मध्य प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर बारिश होने की संभावना है।
अभी तूफान बनने की संभावना नहीं
मौसम विभाग के अनुसार मौजूदा डिप्रेशन के और मजबूत होने की संभावना नहीं है। इसके बजाय यह उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए लगातार कमजोर होगा। अगले 12 घंटों में इसके कम दबाव वाले क्षेत्र में बदलने का अनुमान है। इसके बाद भी IMD सिस्टम की दिशा और स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
बंगाल की खाड़ी में बना डिप्रेशन अब कमजोर पड़ रहा है, लेकिन इसके अवशेषों का असर म्यांमार, दक्षिण-पूर्वी बांग्लादेश और पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों के मौसम पर बना रह सकता है। वहीं झारखंड समेत कई राज्यों में बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
👉 यह भी पढ़ें:





