रांची में दुर्लभ रेड सैंड बोआ सांप बरामद, गाजियाबाद का युवक टीलू नाथ हिरासत में; दो साथी फरार
रांची। झारखंड की राजधानी रांची में दुर्लभ प्रजाति के रेड सैंड बोआ सांप के मिलने से हड़कंप मच गया। लालपुर थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक युवक के पास से इस सांप को बरामद किया है। पकड़े गए युवक की पहचान टीलू नाथ के रूप में हुई है, जो गाजियाबाद के सपेरा बस्ती का रहने वाला बताया जा रहा है। मामले की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर सांप को सुरक्षित रेस्क्यू किया। फिलहाल पुलिस और वन विभाग की टीम सांप के स्रोत और उसे रांची लाने के उद्देश्य की जांच कर रही है।
पुलिस को देखकर दो लोग फरार
लालपुर थाना क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर पुलिस ने न्यूकलियस मॉल के पास तीन लोगों को रोककर पूछताछ करने की कोशिश की। इसी दौरान पुलिस को देखकर दो लोग मौके से फरार हो गए, जबकि एक युवक को पकड़ लिया गया। तलाशी के दौरान युवक के झोले से रेड सैंड बोआ सांप बरामद हुआ। इसके बाद लालपुर पुलिस ने वन विभाग को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और सांप को सुरक्षित अपने कब्जे में लिया। साथ ही टिलू को भी अपने साथ ले गई।
दोस्त का बताया सांप, तस्करी की आशंका की जांच
पकड़े गए युवक टीलू ने पूछताछ के दौरान वन विभाग को बताया कि सांप उसके दोस्त का है। हालांकि, सांप कहां से लाया गया था और उसे रांची लाने के पीछे क्या मकसद था, इसकी जांच की जा रही है। पुलिस और वन विभाग की टीम फरार हुए दोनों लोगों की पहचान और इस मामले में उनकी भूमिका का पता लगाने में जुटी है। युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।
क्या है रेड सैंड बोआ सांप की खासियत?
रांची के डीएफएओ श्रीकांत के अनुसार, रेड सैंड बोआ एक दुर्लभ प्रजाति का सांप है। इस प्रजाति को लेकर अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊंची कीमत मिलने के दावे किए जाते रहे हैं। हालांकि, इसके करोड़ों रुपये में बिकने की चर्चाओं की कोई प्रमाणित पुष्टि नहीं है और इसकी कोई तय, आधिकारिक बाजार कीमत भी नहीं है। रेड सैंड बोआ के बारे में फैली कई धारणाओं और अफवाहों के कारण इसका अवैध कारोबार किए जाने की आशंका जताई जाती रही है।
अंधविश्वास और अवैध वन्यजीव व्यापार से जुड़ा मामला
रेड सैंड बोआ सांप को लेकर कुछ क्षेत्रों में धन, सौभाग्य और पारंपरिक चिकित्सा से जुड़ी मान्यताएं प्रचलित हैं। चीन और दक्षिण-पूर्व एशिया के कुछ हिस्सों में भी इससे जुड़ी मांग की खबरें सामने आती रही हैं। हालांकि, इन मान्यताओं और सांप से जुड़े कथित चमत्कारी गुणों का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। वन्यजीवों की अवैध खरीद-बिक्री जैव विविधता के संरक्षण के लिए गंभीर चुनौती है। रांची में सांप बरामद होने के बाद अब जांच एजेंसियों के सामने यह पता लगाने की चुनौती है कि इस मामले के पीछे केवल व्यक्तिगत कब्जा है या किसी बड़े अवैध वन्यजीव कारोबार से इसका संबंध है।
जांच के बाद सामने आएगी पूरी सच्चाई
फिलहाल वन विभाग और पुलिस की जांच जारी है। फरार दोनों व्यक्तियों की तलाश, सांप के स्रोत और उसे रांची लाने के उद्देश्य का पता चलने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।






