दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत हादसा, मलबे से छात्रों को निकालने में जुटे DU कैंपेनर

दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के पास सत्य निकेतन इलाके में रविवार को एक बहुमंजिला इमारत ढहने से हड़कंप मच गया। हादसे के बाद मलबे में कई छात्रों और अन्य लोगों के फंसे होने की आशंका जताई गई। राहत और बचाव अभियान के दौरान दिल्ली विश्वविद्यालय से जुड़े छात्र स्वयंसेवक भी मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य में जुट गए।
मलबे में फंसे छात्रों को निकालने में जुटे लोग
हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने पुलिस और दमकल टीमों के पहुंचने से पहले भी मलबा हटाने की कोशिश शुरू कर दी। दिल्ली विश्वविद्यालय के एक कैंपेनर ने हादसे को याद करते हुए बताया कि कैसे उन्होंने मलबे में फंसे छात्रों को बाहर निकालने में मदद की।
सत्य निकेतन इलाका दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के नजदीक है और यहां बड़ी संख्या में छात्र निजी पीजी और हॉस्टल में रहते हैं। हादसे के समय भी इमारत में छात्रों के मौजूद होने की आशंका थी।
मलबे के अंदर से आ रही थीं कॉल
हादसे के बाद राहत दलों को मलबे के अंदर से फोन और वीडियो कॉल भी मिलीं। DU साउथ कैंपस की निदेशक प्रोफेसर राजनी अब्बी ने बताया कि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया था कि मलबे के अंदर कितने छात्र मौजूद हैं। विश्वविद्यालय ने अपने कॉलेजों से छात्रों की जानकारी जुटाने को कहा।
रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल और अन्य राहत दल मौके पर पहुंचे। मलबा हटाने के लिए भारी मशीनों का इस्तेमाल किया गया और कई लोगों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। शुरुआती रिपोर्टों में कुछ लोगों की हालत गंभीर बताई गई है।
सत्य निकेतन में बड़ी संख्या में पीजी और छात्र आवास होने के कारण इस हादसे ने छात्रों की सुरक्षा और सुरक्षित आवास की व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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