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Wednesday, October 28, 2026
दिल्ली में 18वें BRICS शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, शी जिनपिंग और व्लादिमीर पुतिन की मौजूदगी
दिल्ली में आज से 18वें BRICS शिखर सम्मेलन का आगाज होने जा रहा है
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दिल्ली में आज दिखेगा नया World Order । एक मंच पर मोदी-जिनपिंग-पुतिन

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नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में आज 18वें BRICS शिखर सम्मेलन का भव्य आगाज होने जा रहा है। भारत मंडपम में आयोजित इस सम्मेलन में BRICS देशों के राष्ट्राध्यक्ष और शीर्ष नेता एक मंच पर जुटेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मौजूदगी के कारण इस सम्मेलन पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं। माना जा रहा है कि BRICS सम्मेलन के दौरान वैश्विक अर्थव्यवस्था, व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा और बदलते विश्व व्यवस्था से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी।

भारत मंडपम में जुटेंगे BRICS देश के नेता

18वें BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान नेताओं के बीच क्लोज्ड डोर सेशन आयोजित होगा। इसमें वैश्विक राजनीति, आर्थिक सहयोग, ऊर्जा सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा और ग्लोबल साउथ से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श होने की उम्मीद है। देर शाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मेजबानी में राष्ट्राध्यक्षों के लिए विशेष डिनर का आयोजन भी किया जाएगा। BRICS के विस्तार के बाद इस मंच का प्रभाव पहले की तुलना में काफी बढ़ गया है। ऐसे में दिल्ली में होने वाली यह बैठक वैश्विक शक्ति संतुलन और भविष्य की आर्थिक व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

करीब 7 साल बाद भारत आएंगे शी जिनपिंग

BRICS सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच होने वाली बैठक सबसे महत्वपूर्ण मुलाकातों में शामिल है। शनिवार शाम करीब 5:45 बजे भारत मंडपम में दोनों नेताओं की बैठक प्रस्तावित है। करीब सात साल बाद शी जिनपिंग के भारत दौरे को भारत-चीन संबंधों के लिहाज से अहम माना जा रहा है। दोनों नेताओं के बीच सीमा विवाद, द्विपक्षीय व्यापार, ट्रेड डेफिसिट और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे मुद्दों पर बातचीत हो सकती है। भारत और चीन के बीच पिछले कुछ वर्षों में तनावपूर्ण रहे संबंधों के बीच यह बैठक दोनों देशों के बीच विश्वास बहाली की दिशा में महत्वपूर्ण संकेत दे सकती है। दोनों पक्षों की कोशिश भविष्य के रिश्तों के लिए स्थिर और व्यावहारिक रास्ता तलाशने की हो सकती है।

मोदी की कई देशों के नेताओं से द्विपक्षीय बैठकें

BRICS सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को कई देशों के शीर्ष नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगे। दिन की शुरुआत इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली के साथ बैठक से होगी। दोनों नेताओं के बीच सुबह 10 बजे हैदराबाद हाउस में मुलाकात प्रस्तावित है। इसके बाद सुबह 10:30 बजे प्रधानमंत्री मोदी मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम से मुलाकात करेंगे। सुबह 11 बजे अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ बैठक होगी। वहीं सुबह 11:30 बजे वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हंग के साथ द्विपक्षीय वार्ता प्रस्तावित है। इन बैठकों में भारत के साथ व्यापार, निवेश, ऊर्जा, रणनीतिक सहयोग और क्षेत्रीय मुद्दों पर बातचीत होने की उम्मीद है।

ईरान के राष्ट्रपति से भी होगी अहम मुलाकात

राष्ट्रपति भवन में प्रधानमंत्री मोदी की ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के साथ भी बैठक निर्धारित है। यह मुलाकात ऐसे समय हो रही है जब पश्चिम एशिया में तनाव लगातार अंतरराष्ट्रीय चिंता का विषय बना हुआ है। भारत और ईरान के बीच ऊर्जा, व्यापार और क्षेत्रीय संपर्क से जुड़े मुद्दे लंबे समय से महत्वपूर्ण रहे हैं। ऐसे में दोनों नेताओं की बातचीत में पश्चिम एशिया की स्थिति के साथ-साथ ऊर्जा आपूर्ति और क्षेत्रीय स्थिरता पर भी चर्चा होने की संभावना है।

BRICS सम्मेलन में ग्लोबल साउथ पर भारत का फोकस

BRICS की अध्यक्षता के दौरान भारत ने विकासशील और उभरती अर्थव्यवस्थाओं से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता दी है। यूक्रेन और पश्चिम एशिया में जारी संघर्षों का असर ऊर्जा कीमतों, खाद्य सुरक्षा और वैश्विक सप्लाई चेन पर पड़ रहा है। भारत का जोर ऐसे समाधान तलाशने पर है, जिससे इन वैश्विक संकटों का सबसे ज्यादा असर ग्लोबल साउथ के देशों पर न पड़े। सम्मेलन में आर्थिक सहयोग, ऊर्जा सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा, व्यापार और मजबूत सप्लाई चेन जैसे मुद्दे प्रमुख रह सकते हैं।

बेलारूस के विदेश मंत्री भी दिल्ली पहुंचे

BRICS शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए बेलारूस के विदेश मंत्री मैक्सिम रिज़ेंकोव भी भारत पहुंच चुके हैं। BRICS के बढ़ते प्रभाव और नए देशों की बढ़ती भागीदारी के बीच बेलारूस की मौजूदगी भी इस सम्मेलन की व्यापकता को दर्शाती है।

बदलती विश्व व्यवस्था पर रहेगी नजर

18वें BRICS शिखर सम्मेलन को केवल एक आर्थिक बैठक के तौर पर नहीं देखा जा रहा है। दुनिया में बदलते शक्ति संतुलन, व्यापारिक संबंधों, ऊर्जा सुरक्षा और वैश्विक कूटनीति के बीच दिल्ली में होने वाली यह बैठक नई विश्व व्यवस्था की दिशा को लेकर महत्वपूर्ण संकेत दे सकती है। प्रधानमंत्री मोदी, शी जिनपिंग और व्लादिमीर पुतिन समेत कई बड़े नेताओं की मौजूदगी के बीच अब सबकी नजर इस बात पर होगी कि BRICS देश वैश्विक चुनौतियों के बीच किस तरह की साझा रणनीति पेश करते हैं।

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