
सेंट्रल डेस्क। बिहार की राजनीति में आज बड़ा बदलाव देखने को मिला, जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता सम्राट चौधरी को पार्टी के विधायक दल का नेता चुन लिया गया। इस फैसले के साथ ही उनके राज्य के अगले मुख्यमंत्री बनने का रास्ता लगभग साफ हो गया है। बिहार में सत्ता परिवर्तन के साथ ही नई राजनीतिक रणनीति और नेतृत्व का दौर शुरू हो गया है। अब सबकी नजरें नई सरकार के गठन और आने वाले फैसलों पर टिकी हैं
नीतीश कुमार का इस्तीफा, खत्म हुआ लंबा कार्यकाल
करीब दो दशकों तक बिहार की सत्ता संभालने वाले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उनके इस्तीफे के साथ ही राज्य में नई सरकार गठन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। बताया जा रहा है कि इस्तीफा देने से पहले उन्होंने अपनी आखिरी कैबिनेट बैठक की, जिसमें सरकार भंग करने की सिफारिश भी की गई।
विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से फैसला
पटना में आयोजित बीजेपी विधायक दल की बैठक में सम्राट चौधरी के नाम का प्रस्ताव रखा गया, जिसे सभी विधायकों ने सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी। इस बैठक के बाद राजनीतिक तस्वीर पूरी तरह साफ हो गई और यह तय माना जा रहा है कि वही बिहार के अगले मुख्यमंत्री होंगे।
पहली बार BJP का मुख्यमंत्री
यह फैसला बिहार की राजनीति में ऐतिहासिक माना जा रहा है, क्योंकि पहली बार राज्य में भारतीय जनता पार्टी का कोई नेता मुख्यमंत्री बनने जा रहा है।
सम्राट चौधरी के नेतृत्व में अब राज्य में BJP की अगुवाई वाली सरकार बनने जा रही है।
कब होगी शपथ
सूत्रों के मुताबिक, नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 15 अप्रैल 2026 को आयोजित किया जाएगा। इसमें NDA गठबंधन के अन्य दलों के नेता भी शामिल होंगे।
सम्राट चौधरी का बयान
विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद सम्राट चौधरी ने आभार जताते हुए कहा कि यह सिर्फ पद नहीं, बल्कि जनता की सेवा करने का बड़ा अवसर है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ काम करेंगे।
बिहार की राजनीति में नया अध्याय
नीतीश कुमार के लंबे शासन के बाद अब बिहार में एक नए राजनीतिक दौर की शुरुआत होने जा रही है। सम्राट चौधरी के नेतृत्व में राज्य की राजनीति और विकास की दिशा में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।





