About News Box Bharat

News Box Bharat
News Box Bharat brings you the latest Hindi news, breaking news, and Jharkhand news, covering politics, business, sports, entertainment, and important national updates. Our mission is to keep you informed with timely news and reliable information.

Recent Posts

+91 6205-216-893 mailnewsboxbharat@gmail.com
Tuesday, October 27, 2026
लोकसभा में संविधान संशोधन बिल 2026 पर चर्चा करते अमित शाह
लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक 2026 पर वोटिंग के दौरान का दृश्य
Latest Hindi News

मोदी सरकार को लोकसभा में बड़ा झटका: संविधान (131वां संशोधन) विधेयक 2026 पास नहीं हुआ

Share the post

संविधान (एक सौ इकतीसवां संशोधन) विधेयक, 2026 लोकसभा में दो-तिहाई बहुमत नहीं जुटा सका और इसी वजह से इसे मंजूरी नहीं मिल पाई।
वोटिंग में:

  • पक्ष में: 298 वोट
  • विरोध में: 230 वोट
  • जरूरी बहुमत: लगभग 352 वोट

यानी सरकार आवश्यक संख्या तक नहीं पहुंच सकी और विधेयक गिर गया।

क्या था संविधान (131वां संशोधन) विधेयक 2026

शॉकिंग और बड़ा झटका! मोदी सरकार द्वारा लाया गया प्रमुख संवैधानिक संशोधन विधेयक लोकसभा में असफल हो गया। संविधान (एक सौ इकतीसवां संशोधन) विधेयक, 2026 को दो-तिहाई बहुमत नहीं मिल सका और बिल गिर गया।यह विधेयक लोकसभा की सीटें 543 से बढ़ाकर 850 करने, महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण को तुरंत प्रभावी बनाने और 2011 की जनगणना के आधार पर नए परिसीमन की व्यवस्था से जुड़ा था। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल द्वारा विशेष सत्र में पेश किया गया यह बिल महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण और संसद के विस्तार का अहम हिस्सा माना जा रहा था।

मत विभाजन का नतीजा:

विधेयक पर वोटिंग में पक्ष में लगभग 298 वोट पड़े, जबकि विरोध में 230 वोट। सदन में मौजूद सदस्यों के हिसाब से दो-तिहाई बहुमत (लगभग 352 वोट) हासिल नहीं हो सका, जिसके कारण बिल पास नहीं हो पाया। इससे जुड़े परिसीमन विधेयक 2026 और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक 2026 पर भी आगे कोई कार्यवाही नहीं होगी।

विपक्ष का तीखा विरोध:

तृणमूल कांग्रेस, DMK, कांग्रेस, बीजू जनता दल समेत विपक्षी दलों ने एकजुट होकर विधेयक का पुरजोर विरोध किया। उन्होंने दक्षिण भारतीय राज्यों के प्रतिनिधित्व पर संभावित असर, जनसंख्या आधारित परिसीमन और देश के संघीय ढांचे को खतरे की आशंका जताई। सदन में जोरदार बहस हुई और कई बार हंगामा भी देखने को मिला।विपक्षी नेताओं ने इसे अपनी बड़ी जीत करार दिया। राहुल गांधी समेत कई नेताओं ने कहा कि यह बिल दक्षिण भारत के हितों को नुकसान पहुंचा सकता था और क्षेत्रीय असंतुलन बढ़ाता।

सरकार पर पहला बड़ा सेटबैक:

सरकार की ओर से अमित शाह और अन्य मंत्रियों ने विधेयक का बचाव किया, लेकिन एनडीए गठबंधन के पास पर्याप्त संख्या बल नहीं रहा। यह मोदी सरकार के वर्तमान कार्यकाल में संसद में पहला बड़ा विधेयक असफल होना माना जा रहा है।अब सरकार को दोबारा प्रयास करना होगा या विधेयक में जरूरी संशोधन कर नए सिरे से सदन में पेश करना पड़ेगा। संसद की कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित कर दी गई है।यह घटना संसद के विशेष सत्र में हुई, जहां तीनों संबंधित बिलों पर चर्चा चल रही थी। अधिक जानकारी के लिए संसदीय रिकॉर्ड का इंतजार किया जा रहा है।

Leave a Response