यूपी-राजस्थान और उत्तराखंड में मॉनसून की दस्तक! IMD का अलर्ट: आंधी-तूफान।भारी बारिश और तेज हवाओं का खतरा

नई दिल्ली: देश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी के बीच राहत की खबर है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा अपडेट के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मॉनसून अब तेजी से उत्तर भारत की ओर बढ़ रहा है। अगले 3 से 4 दिनों में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और राजस्थान के कई इलाकों में मॉनसून की औपचारिक एंट्री होने की संभावना है। इसके साथ ही आंधी-तूफान, गरज-चमक, तेज हवाएं और भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
कहां तक पहुंचा मॉनसून?
IMD के अनुसार, मॉनसून फिलहाल मध्य प्रदेश तक पहुंच चुका है और बिहार के अधिकांश हिस्सों को कवर कर चुका है। अनुकूल मौसमीय परिस्थितियों के कारण अब यह तेजी से उत्तर भारत की ओर बढ़ रहा है।
उत्तर प्रदेश का मौसम अपडेट
मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 26 से 29 जून के बीच हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में 30 जून से 1 जुलाई के दौरान कई स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।
उत्तराखंड में कब पहुंचेगा मॉनसून?
उत्तराखंड में इस बार मॉनसून सामान्य से कुछ दिन देरी से पहुंच रहा है। 28 जून से बारिश की गतिविधियां तेज होने का अनुमान है, जबकि 29 जून को कुमाऊं क्षेत्र में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर समेत कई जिलों में गरज-चमक और तेज हवाओं का भी अलर्ट जारी किया गया है।
राजस्थान में आंधी और बारिश का अलर्ट
पूर्वी राजस्थान में 27 जून से 1 जुलाई के बीच तेज आंधी और बारिश की संभावना है। कई स्थानों पर 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। पश्चिमी राजस्थान में 26 और 27 जून को धूल भरी आंधी और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है।
हालांकि IMD के विस्तारित पूर्वानुमान के मुताबिक 26 जून से 9 जुलाई के दौरान राजस्थान में कुल बारिश सामान्य से कम रहने की संभावना बनी हुई है।
इन राज्यों में भी मौसम बिगड़ सकता है
IMD ने दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर समेत कई राज्यों में भी गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है।
लोगों के लिए जरूरी सलाह
- आंधी और बिजली गिरने के दौरान खुले मैदान में जाने से बचें।
- किसान फसलों और कृषि उपकरणों को सुरक्षित स्थान पर रखें।
- पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोग मौसम अपडेट देखकर ही सफर करें, क्योंकि भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है।
- तेज हवाओं के दौरान कमजोर पेड़ों, बिजली के खंभों और पुराने भवनों से दूरी बनाए रखें।
पूरे मानसून सीजन का अनुमान
IMD के अनुसार वर्ष 2026 के पूरे मानसून सीजन में देशभर में सामान्य से कम (लगभग 90% LPA) बारिश होने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि एल नीनो (El Niño) का असर जून महीने में वर्षा की गतिविधियों को प्रभावित कर सकता है। हालांकि जुलाई में कई क्षेत्रों में बारिश बढ़ने की उम्मीद जताई गई है। उत्तर भारत के लिए राहत की खबर है कि मॉनसून अब तेजी से आगे बढ़ रहा है। हालांकि इसके साथ तेज हवाएं, आंधी, बिजली और भारी बारिश जैसी परिस्थितियां भी बन सकती हैं। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर नजर रखते हुए आवश्यक सावधानी बरतनी चाहिए।
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