
रांची। झारखंड सरकार द्वारा गठित समिति और छात्र प्रतिनिधिमंडल के बीच शुक्रवार को रांची स्थित राज्य अतिथि गृह में सकारात्मक और सौहार्दपूर्ण माहौल में महत्वपूर्ण वार्ता हुई। बैठक के दौरान छात्र प्रतिनिधियों ने अपनी समस्याओं, सुझावों और मांगों को विस्तार से समिति के समक्ष रखा। समिति के सदस्यों ने छात्रों के प्रत्येक मुद्दे को गंभीरता, संवेदनशीलता और पूरी तत्परता के साथ सुना। सरकार की ओर से आश्वस्त किया गया कि छात्रों के हित सर्वोपरि हैं और उनकी जायज मांगों पर सकारात्मक एवं संवेदनशील दृष्टिकोण के साथ विचार करते हुए समाधान की दिशा में सार्थक पहल की जाएगी। बैठक में मंत्री दीपिका पांडे, सुदिव्य कुमार सोनू, चमरा लिंडा, संजय यादव आैर 10 छात्रों का प्रतिनिधिमंडल शामिल रहे।
जल्द खत्म हो सकता है आंदोलन
जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी को लेकर पिछले कई दिनों से आंदोलन कर रहे छात्रों और झारखंड सरकार के बीच पहले चरण की वार्ता सकारात्मक रही। बैठक के बाद सरकार और छात्र प्रतिनिधियों, दोनों ने बातचीत को सकारात्मक और सौहार्दपूर्ण बताया। छात्रों ने कहा कि बैठक के दौरान उन्होंने अपनी सभी प्रमुख मांगें सरकार के समक्ष रखीं, जिन पर मंत्रियों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। छात्रों के अनुसार, सरकार ने उनकी चिंताओं को गंभीरता से सुना और मांगों पर उचित कार्रवाई का भरोसा दिया।
हेमंत सोरेन छात्रों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील
वहीं, सरकार की ओर से मंत्रियों ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन छात्रों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि अब तक सरकार और छात्रों के बीच संवाद की कमी थी, जिसे इस बैठक के माध्यम से दूर करने की पहल की गई है। मंत्रियों ने भरोसा दिलाया कि आगे भी सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच लगातार संवाद जारी रहेगा। हालांकि, छात्रों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी सभी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। फिलहाल, दोनों पक्षों के बीच सकारात्मक माहौल में हुई इस पहली वार्ता के बाद आंदोलन के समाधान की उम्मीद जरूर बढ़ी है।





