करोड़पति पिता… लेकिन बेटे पर 40 लाख का कर्ज! आखिर क्यों रची गई मौत की साजिश?

उत्तर प्रदेश के कानपुर में कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड की जांच में परिवार के भीतर चल रहे आर्थिक तनाव और संपत्ति को लेकर आशंकाओं की कई परतें सामने आई हैं। पुलिस के मुताबिक, इस मामले में मृतक के बेटे सुब्रत को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ में सुब्रत ने कथित तौर पर हत्या की साजिश में अपनी भूमिका स्वीकार की है। हालांकि, उसके बयानों की पुलिस अन्य सबूतों से जांच कर रही है।
40 लाख रुपये के कर्ज में फंसा था बेटा
पुलिस पूछताछ में सुब्रत ने बताया कि उस पर करीब 40 लाख रुपये का कर्ज था। उसकी मासिक किस्त लगभग 55 से 56 हजार रुपये तक पहुंच गई थी। दूसरी ओर, पिता की ओर से उसे खर्च के लिए करीब 40 हजार रुपये हर महीने मिलते थे।
किश्त और खर्च के बीच बढ़ते अंतर को पूरा करने के लिए वह नए लोन और क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करता था। पुलिस के अनुसार, उसने अपनी ही दुकान से सामान चोरी करने की बात भी पूछताछ में बताई।
पिता के निजी संबंधों को लेकर परिवार में तनाव का दावा
पूछताछ में सुब्रत ने अपने पिता के कुछ महिलाओं के साथ कथित संबंधों को हत्या की वजहों में से एक बताया। उसके मुताबिक परिवार को आशंका थी कि कहीं पिता अपनी संपत्ति किसी दूसरी महिला के नाम न कर दें।
पुलिस इस दावे को भी जांच का हिस्सा मान रही है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक विनीत मिनोचा की 2022 की वसीयत में संपत्ति का बंटवारा पत्नी, बेटे सुब्रत और बेटी शुबानी के बीच किया गया था।
डुप्लीकेट चाबी से घर में पहुंचा आरोपी
पुलिस के अनुसार हत्या की योजना अचानक नहीं बनी थी। सुब्रत ने कथित तौर पर बताया कि करीब तीन से चार महीने पहले हत्या की योजना बनाई गई थी।
घर की चाबी की डुप्लीकेट चाबी तैयार कराई गई। 5 सितंबर की रात परिवार के बाहर जाने के दौरान आरोपी के साथी विशाल को घर के अंदर पहुंचाने की योजना बनाई गई थी।
पुलिस के मुताबिक, विनीत मिनोचा के सो जाने के बाद उन पर हमला किया गया। इस दौरान शोर मचने पर चाकू से हमला किए जाने की बात सामने आई है।
पहले बहू शालू पर लगाया गया था आरोप
इस मामले में शुरुआत में मृतक की बहू शालू का नाम भी सामने आया था। पुलिस के मुताबिक सुब्रत और उसके साथी ने शुरुआती दौर में शालू को मामले में फंसाने की कोशिश की थी।
बाद में पूछताछ के दौरान सुब्रत ने कथित तौर पर अपनी भूमिका स्वीकार करते हुए कहा कि शालू को हत्या की योजना की जानकारी नहीं थी। पुलिस ने दोनों को आमने-सामने बैठाकर भी पूछताछ की।
258 से ज्यादा कॉल की भी जांच
जांच में सुब्रत और उसके साथी विशाल के बीच हुई फोन बातचीत भी अहम मानी जा रही है। पुलिस के मुताबिक दोनों के बीच करीब 258 कॉल हुई थीं। वहीं विशाल और शालू के बीच करीब 28 कॉल की जानकारी सामने आई है।
पुलिस इन कॉल रिकॉर्ड, CCTV फुटेज, आरोपियों के बयानों और वारदात के दिन की गतिविधियों को आपस में मिलाकर जांच कर रही है।
संपत्ति के साथ आर्थिक दबाव भी जांच का हिस्सा
इस केस में पुलिस के सामने दो प्रमुख पहलू दिखाई दे रहे हैं—एक तरफ सुब्रत का कथित भारी कर्ज और आर्थिक दबाव, दूसरी तरफ पिता की संपत्ति को लेकर उसकी आशंका।
हालांकि, पुलिस जांच अभी जारी है और आरोपियों द्वारा पूछताछ में बताए गए सभी दावों का स्वतंत्र रूप से सत्यापन किया जा रहा है। इसलिए इन बयानों को अंतिम तथ्य के रूप में नहीं देखा जा सकता।
क्या हुआ था 5 सितंबर की रात?
5 सितंबर की रात कानपुर के कल्याणपुर स्थित घर में कारोबारी विनीत मिनोचा की हत्या कर दी गई थी। पुलिस जांच के अनुसार हत्या को सामान्य मौत जैसा दिखाने की कोशिश की गई थी। बाद में जांच आगे बढ़ने पर बेटे सुब्रत और उसके साथी विशाल की भूमिका सामने आई।
पुलिस अब पूरे घटनाक्रम में किसकी क्या भूमिका थी, हत्या की वास्तविक वजह क्या थी और संपत्ति तथा कर्ज का कितना प्रभाव था, इसकी जांच कर रही है।
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