IIT में मनचाही शाखा नहीं मिली, MIT ने भी किया रिजेक्ट… फिर इसी भारतीय ने बना दी अरबों डॉलर की AI कंपनी

जिंदगी में एक रिजेक्शन कई लोगों का आत्मविश्वास तोड़ देता है। लेकिन कुछ लोग ऐसे भी होते हैं, जो हर असफलता को अगली सफलता की सीढ़ी बना लेते हैं। Perplexity AI के सह-संस्थापक और CEO अरविंद श्रीनिवास की कहानी कुछ ऐसी ही है। IIT में पसंदीदा शाखा नहीं मिली, MIT ने आवेदन ठुकरा दिया और पहला स्टार्टअप भी सफल नहीं हुआ। बावजूद इसके उन्होंने हार नहीं मानी और आज दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती AI कंपनियों में से एक खड़ी कर दी।
IIT मद्रास में नहीं मिली पसंदीदा ब्रांच
अरविंद श्रीनिवास का सपना IIT मद्रास में कंप्यूटर साइंस पढ़ने का था। लेकिन उन्हें मनचाही शाखा नहीं मिली। उन्होंने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में दाखिला लिया और वहीं से अपनी पढ़ाई पूरी की।
यही फैसला आगे चलकर उनके करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। कॉलेज के दौरान उन्होंने मशीन लर्निंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में गहरी रुचि विकसित की।
MIT से भी मिला झटका
IIT के बाद उन्होंने अमेरिका के प्रतिष्ठित Massachusetts Institute of Technology (MIT) में दाखिले के लिए आवेदन किया, लेकिन वहां से भी उन्हें अस्वीकृति मिली।
लगातार दो बड़े रिजेक्शन के बावजूद उन्होंने पढ़ाई और रिसर्च नहीं छोड़ी। बाद में उन्होंने अमेरिका की University of California, Berkeley से पीएचडी की और AI रिसर्च में अपनी अलग पहचान बनाई।
पहला स्टार्टअप भी हो गया फेल
अरविंद श्रीनिवास की मुश्किलें यहीं खत्म नहीं हुईं। AI की दुनिया में कदम रखने के बाद उनका पहला स्टार्टअप भी सफल नहीं हो सका।
लेकिन उन्होंने इस असफलता को सीख की तरह लिया और नई शुरुआत की। बाद में OpenAI, Google और DeepMind जैसी संस्थाओं में काम करते हुए उन्होंने अत्याधुनिक AI तकनीकों पर अनुभव हासिल किया।
फिर जन्म हुआ Perplexity AI का
साल 2022 में अरविंद श्रीनिवास ने अपने साथियों के साथ Perplexity AI की शुरुआत की।
यह AI आधारित सर्च इंजन उपयोगकर्ताओं के सवालों का जवाब इंटरनेट से जानकारी जुटाकर स्रोतों के साथ देता है। कम समय में यह दुनिया के सबसे चर्चित AI प्लेटफॉर्म में शामिल हो गया और कंपनी का मूल्यांकन अरबों डॉलर तक पहुंच गया।
अरविंद श्रीनिवास की सफलता का मंत्र
अरविंद का मानना है कि “परफेक्शन से ज्यादा जरूरी स्पीड है।”
वह छात्रों और युवाओं को सलाह देते हैं कि:
- लगातार नई चीजें सीखते रहें।
- असफलता से डरें नहीं।
- सवाल पूछने की आदत कभी न छोड़ें।
- जिज्ञासा (Curiosity) ही सबसे बड़ी ताकत है।
- अवसर का इंतजार करने के बजाय खुद अवसर बनाएं।
आज दुनिया के बड़े AI चेहरों में शामिल
आज अरविंद श्रीनिवास का नाम AI इंडस्ट्री के सबसे प्रभावशाली उद्यमियों में लिया जाता है। Perplexity AI सीधे Google Search और अन्य AI प्लेटफॉर्म को चुनौती दे रही है।
उनकी कहानी यह साबित करती है कि किसी परीक्षा, कॉलेज या स्टार्टअप में मिली असफलता जीवन का अंत नहीं होती। सही दिशा में लगातार मेहनत की जाए तो वही असफलताएं सबसे बड़ी सफलता का रास्ता बन सकती हैं।
मुख्य बातें
- IIT मद्रास में कंप्यूटर साइंस नहीं मिली।
- MIT ने एडमिशन देने से इनकार कर दिया।
- पहला स्टार्टअप भी सफल नहीं हुआ।
- बाद में UC Berkeley से रिसर्च की।
- 2022 में Perplexity AI की स्थापना की।
- आज कंपनी दुनिया की तेजी से बढ़ती AI कंपनियों में शामिल है।
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