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Monday, September 21, 2026
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गरीब बच्चों के दिल का मुफ्त इलाज: 26 बच्चों का दूसरा बैच कोच्चि रवाना, सरकार उठाएगी 10 लाख रुपये तक का खर्च

झारखंड के 26 गरीब बच्चे मुफ्त हृदय उपचार और सर्जरी के लिए कोच्चि रवाना
झारखंड के 26 बच्चे दिल में छेद और जन्मजात हृदय रोग के इलाज के लिए कोच्चि रवाना हुए
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रांची। झारखंड में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के उन बच्चों के लिए राहत की खबर है, जो दिल में छेद या अन्य जन्मजात हृदय रोग से जूझ रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी की पहल के तहत ऐसे 26 बच्चों का दूसरा बैच अत्याधुनिक हृदय उपचार और जटिल सर्जरी के लिए केरल के कोच्चि स्थित अमृता अस्पताल रवाना किया गया। इन बच्चों के इलाज का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी। प्रत्येक बच्चे के उपचार पर करीब 10 लाख रुपये तक का खर्च निःशुल्क कराया जा रहा है। इस पहल से उन परिवारों को बड़ी राहत मिली है, जो आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण अपने बच्चों का महंगा हृदय उपचार कराने में सक्षम नहीं थे।

पहले बैच के बच्चों का हुआ सफल इलाज

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने बताया कि इस पहल के तहत पहले बैच में भी बच्चों को कोच्चि भेजा गया था। वहां उनका उपचार और आवश्यक सर्जरी सफलतापूर्वक की गई, जिसके बाद वे स्वस्थ होकर वापस लौटे। उन्होंने कहा कि अब 26 बच्चों के दूसरे बैच को उपचार के लिए भेजा जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि आर्थिक तंगी के कारण किसी भी जरूरतमंद बच्चे को बेहतर चिकित्सा सुविधा से वंचित न होना पड़े।

पैसे के अभाव में किसी बच्चे का इलाज नहीं रुकना चाहिए

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि दिल में छेद और जन्मजात हृदय रोग का इलाज कई मामलों में जटिल और महंगा होता है। गरीब परिवारों के लिए लाखों रुपये जुटाना बेहद मुश्किल होता है। ऐसे में समय पर उपचार नहीं मिलने से बच्चों की स्थिति गंभीर हो सकती है। उन्होंने कहा कि गरीब और जरूरतमंद बच्चों को समय पर बेहतर इलाज उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है। डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि विधायक रहने के दौरान ही उन्होंने संकल्प लिया था कि स्वास्थ्य विभाग में जिम्मेदारी मिलने पर गरीब बच्चों के इलाज को प्राथमिकता देंगे। अब इसी संकल्प को धरातल पर उतारने का प्रयास किया जा रहा है।

जान बचाना और बच्चों को नया जीवन देना प्राथमिकता

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि उनका उद्देश्य जरूरतमंद बच्चों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि यदि किसी प्रयास से किसी बच्चे की जिंदगी बचती है और उसके माता-पिता के चेहरे पर खुशी आती है, तो इससे बड़ी उपलब्धि कुछ नहीं हो सकती। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि ऐसे जरूरतमंद बच्चों की पहचान कर उन्हें उचित उपचार उपलब्ध कराया जाए।

सांसदों और विधायकों से की अपील

स्वास्थ्य मंत्री ने राज्य के सांसदों, विधायकों और अन्य जनप्रतिनिधियों से अपील की कि उनके क्षेत्र में यदि कोई ऐसा बच्चा है, जिसके दिल में छेद है या वह किसी गंभीर जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित है और उसका परिवार इलाज का खर्च उठाने में सक्षम नहीं है, तो उसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग तक पहुंचाई जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे बच्चों के इलाज की जिम्मेदारी राज्य सरकार उठाएगी।

स्वास्थ्य व्यवस्था में बदलाव जमीन पर दिखना चाहिए

डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का लाभ गरीब और जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य व्यवस्था में बदलाव केवल कागजों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसका असर जमीन पर दिखाई देना चाहिए। हर जरूरतमंद व्यक्ति को समय पर बेहतर इलाज मिले, यही लक्ष्य है।

नए एजेंडे के साथ आगे बढ़ रहा स्वास्थ्य विभाग

कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री की पहल से गरीब बच्चों को अत्याधुनिक हृदय उपचार उपलब्ध कराने का महत्वपूर्ण कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग नई तकनीक, नए एजेंडे और बेहतर चिकित्सा सुविधाओं के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि इन बच्चों के इलाज के लिए उनके परिवारों को अपनी जेब से कोई राशि खर्च नहीं करनी होगी।

गरीबी इलाज में बाधा न बने

एमडी, एनएचएम शशि प्रकाश झा ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री की संवेदनशील पहल से जरूरतमंद लोगों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में विभाग को नई प्रेरणा मिली है। उन्होंने कहा कि जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों को समय पर अत्याधुनिक उपचार उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण है और इस अभियान को आगे भी जारी रखा जाएगा। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। रेलवे के डीआरएम सहित रेलवे विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी बच्चों को कोच्चि रवाना करने की प्रक्रिया में सहयोग किया।

गरीब परिवारों के लिए बड़ी राहत

झारखंड सरकार की इस पहल से उन परिवारों को राहत मिली है, जिनके लिए बच्चों के महंगे हृदय उपचार का खर्च उठाना संभव नहीं था। 26 बच्चों के दूसरे बैच को इलाज के लिए कोच्चि भेजे जाने के साथ ही सरकार ने यह संदेश दिया है कि आर्थिक स्थिति किसी बच्चे के बेहतर उपचार की राह में बाधा न बने।

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