About me

News Box Bharat
Welcome to News Box Bharat, your one-stop destination for comprehensive news coverage and insightful analysis. With a commitment to delivering reliable information and promoting responsible journalism, we strive to keep you informed about the latest happenings from across the nation and the world. In this rapidly evolving era, staying updated and making sense of the news is crucial, and we are here to simplify the process for you.

Recent Posts

+91 6205-216-893 info@newsboxbharat.com
Sunday, July 26, 2026
Latest Hindi News

प्रह्लाद जोशी ने संभाला शिक्षा मंत्रालय का कार्यभार, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद मिली अतिरिक्त जिम्मेदारी

प्रह्लाद जोशी शिक्षा मंत्रालय की बैठक के दौरान अधिकारियों के साथ चर्चा करते हुए।
शिक्षा मंत्री का कार्यभार संभालने के बाद अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करते केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी।
Share the post

केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने रविवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री के रूप में कार्यभार संभाल लिया। उन्हें यह जिम्मेदारी पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अतिरिक्त प्रभार के रूप में सौंपी गई है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार करते हुए प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा।

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद बदलाव

धर्मेंद्र प्रधान ने NEET-UG 2026 पेपर लीक और अन्य परीक्षा अनियमितताओं को लेकर देशभर में हुए छात्र आंदोलनों के बीच शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दिया था। परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग को लेकर लंबे समय तक प्रदर्शन हुए, जिसके बाद सरकार ने मंत्रालय में यह बड़ा बदलाव किया।

प्रह्लाद जोशी कौन हैं?

प्रह्लाद जोशी भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं और कर्नाटक के धारवाड़ लोकसभा क्षेत्र से लगातार पांच बार सांसद चुने जा चुके हैं। वे पहले से ही उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। अब उन्हें शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है।

कार्यभार संभालने के बाद क्या बोले?

कार्यभार ग्रहण करने के बाद प्रह्लाद जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने उन पर जो विश्वास जताया है, उस पर वे पूरी निष्ठा और विनम्रता के साथ खरा उतरने का प्रयास करेंगे। उन्होंने शिक्षा क्षेत्र में सुधार और छात्रों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही।

शिक्षा मंत्रालय के सामने बड़ी चुनौतियां

नई जिम्मेदारी संभालते ही प्रह्लाद जोशी के सामने कई महत्वपूर्ण चुनौतियां होंगी, जिनमें शामिल हैं:

  • NEET और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करना।
  • पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाना।
  • परीक्षा प्रणाली में तकनीकी और प्रशासनिक सुधार लागू करना।
  • छात्रों का विश्वास दोबारा कायम करना।
  • राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के प्रभावी क्रियान्वयन को आगे बढ़ाना।

मंत्रालय में प्रशासनिक फेरबदल

शिक्षा मंत्रालय में हाल के दिनों में प्रशासनिक स्तर पर भी बदलाव किए गए हैं। सरकार ने शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के दायित्वों में परिवर्तन करते हुए उच्च शिक्षा और स्कूल शिक्षा से जुड़े पदों पर नई नियुक्तियां की हैं। इन बदलावों को शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

आगे क्या?

प्रह्लाद जोशी का कार्यकाल ऐसे समय शुरू हुआ है जब देश की परीक्षा व्यवस्था और शिक्षा प्रणाली को लेकर व्यापक बहस चल रही है। छात्रों और अभिभावकों की निगाह अब इस बात पर रहेगी कि नई नेतृत्व टीम परीक्षा सुधार, पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर कितनी तेजी से ठोस कदम उठाती है।

👉 यह भी पढ़ें:

  • धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दिया, CJP छात्र आंदोलन के बीच लिया बड़ा फैसला
  • नरेश पाल गंगवार कौन हैं? नए उच्च शिक्षा सचिव की नियुक्ति और विवाद की पूरी कहानी
  • जब सिस्टम चुप हो जाए, तो सड़कें बोलने लगती हैं… किरण बेदी की एक सीख
  • एक हाथ, एक पुलिस वैन… और एक लड़की जिसने पूरे देश का ध्यान खींच लिया
  • ई बिहार है भैया! वॉटर कैनन के नीचे डांस, फिर दूसरे दिन हिस्सा… CJP आंदोलन का वायरल और गंभीर दोनों चेहरा

Leave a Response