
सेंट्रल डेस्क। झारखंड आंदोलन के महानायक और दिशोम गुरु दिवंगत शिबू सोरेन को मरणोपरांत देश के प्रतिष्ठित पद्म भूषण सम्मानित किया जाएगा। नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में उनकी पत्नी रूपी सोरेन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से यह सम्मान ग्रहण करेंगी। इस गौरवपूर्ण अवसर पर शिबू सोरेन की पुत्रवधू और विधायक कल्पना सोरेन भी मौजूद रहेंगी। शिबू सोरेन को यह सम्मान आदिवासी समाज के उत्थान, सामाजिक न्याय, जनकल्याण और झारखंड राज्य के निर्माण में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए दिया जाएगा। उन्होंने अपने पूरे जीवन में आदिवासियों और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया। गौरतलब है कि झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के संस्थापक, झारखंड के पूर्व सीएम और वरिष्ठ आदिवासी नेता शिबू सोरेन का निधन 4 अगस्त 2025 को हुआ था। उनके निधन के बाद भारत सरकार ने उनके योगदान को सम्मान देते हुए उन्हें मरणोपरांत पद्म भूषण पुरस्कार प्रदान किया है। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री दिशोम गुरु शिबू सोरेन को मरणोपरांत पद्मभूषण से सम्मानित करने की घोषणा गृह मंत्रालय द्वारा 25 जनवरी 2026 को गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर की गई थी।
झारखंड के तीन बार मुख्यमंत्री बने
शिबू सोरेन का राजनीतिक जीवन चार दशक से भी अधिक समय तक चला। इस दौरान उन्होंने आंदोलनकारी, संगठनकर्ता, सांसद और मुख्यमंत्री जैसी कई महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं। वह झारखंड के तीन बार मुख्यमंत्री बने। पहली बार वर्ष 2005 में, दूसरी बार 2008 में और तीसरी बार 2009-2010 के दौरान उन्होंने राज्य की कमान संभाली। हालांकि गठबंधन सरकार होने के कारण उनका कार्यकाल ज्यादा लंबा नहीं चल सका। शिबू सोरेन दुमका से आठ बार लोकसभा सांसद चुने गए। इसके अलावा वह राज्यसभा के सदस्य भी रहे। केंद्र सरकार में उन्हें तीन अलग-अलग कार्यकाल में कोयला मंत्री की जिम्मेदारी भी मिली।





