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Friday, November 6, 2026
लखनऊ अलीगंज अग्निकांड में मृत निलेश कुमार और अनामिका सामंत की तस्वीर, जिनकी शादी हादसे से पहले तय होने वाली थी
लखनऊ अलीगंज अग्निकांड में जान गंवाने वाले निलेश कुमार और अनामिका सामंत, जिनकी शादी की तैयारियां चल रही थीं।
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Lucknow Aliganj Fire Tragedy:लखनऊ अग्निकांड: शादी की तारीख तय होने वाली थी, आग ने छीन ली निलेश-अनामिका की जिंदगी

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Lucknow Aliganj Fire Tragedy 2026: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में सोमवार (22 जून 2026) को हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। इस दर्दनाक हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। आग ने न सिर्फ एक इमारत को तबाह किया, बल्कि कई परिवारों के सपनों को भी हमेशा के लिए छीन लिया। मृतकों में निलेश कुमार और उनकी मंगेतर अनामिका सामंत की कहानी सबसे ज्यादा भावुक कर देने वाली है, जिनकी शादी की तैयारियां चल रही थीं।

कैसे हुआ लखनऊ अलीगंज अग्निकांड?

जानकारी के मुताबिक, अलीगंज के उषा मेहता मार्ग स्थित एक तीन मंजिला व्यावसायिक भवन में दोपहर करीब 3 बजे अचानक आग लग गई। भवन में एक एनीमेशन ट्रेनिंग संस्थान संचालित हो रहा था, जहां बड़ी संख्या में छात्र और कर्मचारी मौजूद थे।

प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट या एसी डक्ट सिस्टम में तकनीकी खराबी मानी जा रही है। देखते ही देखते धुएं और आग की लपटों ने पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। कई लोग बाहर निकलने का प्रयास करते रहे, लेकिन धुएं के कारण दम घुटने से उनकी मौत हो गई।

शादी की खुशियां मातम में बदलीं

27 वर्षीय निलेश कुमार और 30 वर्षीय अनामिका सामंत एक ही एनीमेशन संस्थान में कार्यरत थे। साथ काम करते-करते दोनों के बीच दोस्ती हुई और फिर यह रिश्ता प्यार में बदल गया। दोनों परिवारों ने इस रिश्ते को मंजूरी दे दी थी और शादी की तैयारियां शुरू हो चुकी थीं।

बताया जा रहा है कि अनामिका के माता-पिता पश्चिम बंगाल से लखनऊ आकर निलेश के परिवार से मुलाकात भी कर चुके थे। अगले सप्ताह निलेश का परिवार शादी की तारीख तय करने के लिए पश्चिम बंगाल जाने वाला था। ट्रेन टिकट तक बुक हो चुके थे।

लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। आग की इस भयावह घटना ने दोनों की जिंदगी और उनके परिवारों के सपनों को एक झटके में खत्म कर दिया।

नए घर में शादी करने का सपना अधूरा रह गया

निलेश के भाई अभिषेक ने बताया कि पूरा परिवार शादी को लेकर बेहद उत्साहित था। निलेश अपने नए घर के निर्माण कार्य में भी सक्रिय रूप से सहयोग कर रहे थे। वह अक्सर कहते थे कि शादी के बाद नए घर में ही अपनी नई जिंदगी की शुरुआत करेंगे।

परिवार के अनुसार, निलेश अपने करियर में प्रमोशन और वेतन वृद्धि का इंतजार कर रहे थे ताकि आर्थिक रूप से मजबूत होकर शादी कर सकें। मगर यह सपना अब हमेशा के लिए अधूरा रह गया।

अनामिका के परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

इस हादसे में अनामिका की चचेरी बहन सोमिल्या (या सोमाल्या) की भी मौत हो गई, जो उसी संस्थान में कार्यरत थीं। एक ही परिवार की दो बेटियों की मौत ने परिजनों को गहरे सदमे में डाल दिया है।

जहां कुछ दिन बाद शादी की शहनाई बजने वाली थी, वहां अब मातम पसरा हुआ है। पोस्टमार्टम हाउस के बाहर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

लखनऊ अग्निकांड में कितने लोगों की हुई मौत?

अलीगंज अग्निकांड में अब तक 15 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। मृतकों में अधिकांश युवा छात्र और कर्मचारी शामिल हैं। जबकि 9 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका इलाज लखनऊ के KGMU ट्रॉमा सेंटर में चल रहा है।

मृतकों में निलेश कुमार, अनामिका सामंत, आदित्य श्रीवास्तव, अब्दुल रहमान, सूरज, जयनिल चक्रवर्ती, मोहम्मद अम्मार समेत अन्य युवाओं के नाम सामने आए हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिया एक्शन

घटना के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल जाना और अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी।

सरकार ने मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। साथ ही प्रथम दृष्टया लापरवाही पाए जाने पर चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है।

जांच में सामने आया कि भवन में पर्याप्त फायर सेफ्टी व्यवस्था मौजूद नहीं थी। इसके बाद भवन मालिकों को गिरफ्तार कर लिया गया और मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।

फायर सेफ्टी को लेकर उठे गंभीर सवाल

यह हादसा एक बार फिर व्यावसायिक भवनों और कोचिंग संस्थानों में सुरक्षा मानकों की पोल खोलता नजर आया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भवन में पर्याप्त आपातकालीन निकास, फायर अलार्म और सुरक्षा उपकरण मौजूद होते, तो कई जिंदगियां बचाई जा सकती थीं।

घटना के बाद पूरे प्रदेश में कोचिंग सेंटरों, ट्रेनिंग संस्थानों और व्यावसायिक भवनों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

लखनऊ का अलीगंज अग्निकांड सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि कई परिवारों की जिंदगी पर लगा ऐसा घाव है जो शायद कभी नहीं भर पाएगा। निलेश और अनामिका की अधूरी प्रेम कहानी आज पूरे देश की आंखें नम कर रही है। यह घटना फायर सेफ्टी नियमों के सख्त पालन और सार्वजनिक भवनों में सुरक्षा मानकों को मजबूत करने की जरूरत की याद दिलाती है।

ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करे और शोक संतप्त परिवारों को इस असहनीय दुख को सहन करने की शक्ति दे।

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