
Iran-Israel War : इरान और इजराइल (अमेरिका के साथ) के बीच चल रहे युद्ध का सातवां दिन भी जारी रहा। यह युद्ध 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था, जब अमेरिका और इजराइल ने संयुक्त हमले किए, जिसमें ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई सहित कई टॉप लीडर्स मारे गए। ईरान के उप विदेश मंत्री Majid Takht-Ravanchi ने कहा है कि ईरान की हालिया सैन्य कार्रवाई पूरी तरह से रक्षात्मक है। उनका कहना है कि यह युद्ध अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर थोपा है।एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि ईरान पहले ईमानदारी से बातचीत कर रहा था, लेकिन बाद में अमेरिका ने अपना रुख बदल लिया। उन्होंने कहा, हमें अमेरिकियों पर भरोसा नहीं है। उन्होंने न केवल हमें धोखा दिया, बल्कि कूटनीति को भी धोखा दिया। ईरान का कहना है कि अब हालात ऐसे हैं कि अमेरिका और ईरान दोनों ही बातचीत के लिए तैयार नहीं दिख रहे हैं।
अमेरिका के वादों पर भरोसा करना मुश्किल
इस बीच ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने कहा कि जो देश मध्यस्थता करना चाहते हैं, उन्हें पहले उन देशों से बात करनी चाहिए जिन्होंने ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू किया। उन्होंने कहा कि फिलहाल उनकी सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता देश और राष्ट्र की रक्षा करना है। ईरान के विदेश मंत्री ने भी कहा कि अमेरिका के वादों और पहलों पर भरोसा करना मुश्किल है। उनका आरोप है कि दो बार जब दोनों देश बातचीत की मेज पर थे और समझौते की उम्मीद थी, उसी दौरान अमेरिका ने ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू कर दिया। इसी वजह से ईरान का कहना है कि अभी वह न युद्धविराम चाहता है और न ही किसी तरह की मध्यस्थता। ईरान की संसद के स्पीकर Mohammad-Bagher Ghalibaf ने भी अमेरिका पर तीखा हमला करते हुए कहा कि पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump को अब तक यह एहसास नहीं हुआ है कि उन्होंने कितनी बड़ी समस्या पैदा कर दी है। उन्होंने कहा कि ईरान का भविष्य केवल ईरान की जनता तय करेगी, कोई बाहरी ताकत नहीं।
मैक्रों ने इराक के PM से की बात
वहीं, व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव Karoline Leavitt ने दावा किया है कि अमेरिका जल्द ही ईरान के हवाई क्षेत्र पर नियंत्रण स्थापित करने की दिशा में बढ़ रहा है और अमेरिका के सैन्य लक्ष्य 4 से 6 सप्ताह के भीतर पूरे हो सकते हैं। इस बीच फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron ने इराक के प्रधानमंत्री Mohammed Shia al-Sudani से फोन पर बात की। मैक्रों ने कहा कि फ्रांस मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच इराक के साथ पूरी एकजुटता से खड़ा है और यह जरूरी है कि इराक इस संघर्ष में शामिल न हो। उन्होंने कहा कि इराक की स्थिरता पूरे क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
ईरान में 1,332 से ज़्यादा लोग मारे गए
US और इpराइल ईरान पर अपने मिलिट्री हमले जारी रखे हुए हैं, जो लड़ाई का सातवां दिन है। शनिवार को हमले शुरू होने के बाद से ईरान में 1,332 से ज़्यादा लोग मारे गए हैं।





