
झारखंड सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए ‘अबुआ दिशोम’ (हमारा राज्य) नाम से मुख्य बजट पेश किया। राधाकृष्ण किशोर ने विधानसभा में ₹1,58,560 करोड़ का बजट रखा, जो पिछले साल के ₹1.45 लाख करोड़ से करीब 9% अधिक है। सरकार का कहना है कि यह बजट समावेशी विकास, सामाजिक न्याय और 2050 तक समृद्ध युवा झारखंड के विज़न को आगे बढ़ाएगा। नामकरण को ‘दिशोम गुरु’ शिबू सोरेन को श्रद्धांजलि के रूप में भी देखा जा रहा है।
झारखंड बजट का आकार और आर्थिक तस्वीर
- कुल बजट: ₹1,58,560 करोड़
- विकास दर (अनुमान): 10.03% (करंट प्राइस), 6.90% (कॉन्स्टेंट प्राइस)
- राजस्व व्यय: ₹1,20,851.90 करोड़
- पूंजीगत व्यय: ₹37,708.10 करोड़ (इंफ्रास्ट्रक्चर व विकास पर जोर)
- फिस्कल डेफिसिट: GSDP का 2.18%
क्षेत्रवार आवंटन:
- सामाजिक क्षेत्र: ₹67,459.54 करोड़
- आर्थिक क्षेत्र: ₹59,044.63 करोड़
- सामान्य क्षेत्र: ₹32,055.83 करोड़
महिला सशक्तिकरण पर बड़ा दांव
- महिला खुशहाली योजना: महिला किसानों के लिए ₹25 करोड़; एकीकृत खेती से जोड़ने की पहल।
- मंईयां सम्मान/उत्थान योजनाओं के जरिए आर्थिक-सामाजिक मजबूती का लक्ष्य।
सरकार का दावा है कि महिलाओं की आय, पोषण और आत्मनिर्भरता को केंद्र में रखकर योजनाओं का विस्तार होगा।
शिक्षा: नए स्कूल और दो विश्वविद्यालय
- 100 नए CM School of Excellence खोलने की घोषणा।
- 5 नए बालिका आवासीय विद्यालय।
- चतरा में बाबासाहेब आंबेडकर के नाम से नया स्टेट यूनिवर्सिटी।
- जमशेदपुर के पास पंडित रघुनाथ मुर्मू ट्राइबल यूनिवर्सिटी की स्थापना।
उद्देश्य—ग्रामीण व आदिवासी क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की पहुंच बढ़ाना।
स्वास्थ्य: कैंसर डिटेक्शन से सस्ती दवाओं तक
- कैंसर जांच के लिए ₹200 करोड़ की विशेष योजना; 5 मेडिकल कॉलेज व 24 सदर अस्पतालों में PET-CT मशीनें।
- 750 अबुआ मेडिकल शॉप/डिस्पेंसरी का लक्ष्य—सस्ती दवाएं उपलब्ध कराने की योजना।
- सभी जिला अस्पतालों में ब्रेस्ट कैंसर डिटेक्शन सुविधा।
कृषि और ग्रामीण विकास: आवास, सड़क, बाजार
- अबुआ आवास योजना: ₹4,100 करोड़; 6.33 लाख घर स्वीकृत, 1.88 लाख पूर्ण।
- ग्रामीण विकास विभाग: ₹12,346.90 करोड़।
- हर विधानसभा में सोलर बेस्ड कोऑपरेटिव मार्केटिंग कॉम्प्लेक्स (₹162.20 करोड़)।
- कुंड्री लाह फार्म को पुनर्जीवित करने की योजना।
- बंजर भूमि व जल संरक्षण पर ₹475 करोड़+।
- CM ग्राम सड़क योजना: ₹1,000 करोड़; ग्रामीण पुल/इंफ्रा: ₹730 करोड़।
युवा, कौशल और शासन सुधार
- 6 ITI में AI ट्रेनिंग।
- PESA एक्ट लागू करने पर जोर।
- पर्यटन, खनिज संसाधन और रोजगार सृजन पर फोकस।
सरकार बनाम विपक्ष: क्या कहता है सियासी पारा?
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि बजट “राज्य के अंतिम व्यक्ति तक विकास की किरण पहुंचाने” के लिए है। वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर का बयान:
“हमारी सरकार का लक्ष्य राज्य के अंतिम व्यक्ति तक विकास की किरण पहुंचाना है। यह बजट गरीब, किसान, मजदूर, महिला, युवा, आदिवासी, दलित एवं वंचित वर्गों के सशक्तिकरण को समर्पित है।”
वहीं भाजपा ने बजट को “दिशाहीन” बताते हुए आरोप लगाया कि पिछले बजट का सिर्फ 50% खर्च हुआ और केंद्र से ₹16,000 करोड़ से अधिक का शॉर्टफॉल है।
2050 का विज़न: ‘समृद्ध युवा झारखंड’
सरकार का दावा है कि पूंजीगत व्यय में वृद्धि, शिक्षा-स्वास्थ्य निवेश और ग्रामीण इंफ्रा पर जोर से राज्य की अर्थव्यवस्था को रफ्तार मिलेगी। ‘अबुआ दिशोम’ बजट को समावेशी विकास और सामाजिक न्याय के रोडमैप के रूप में पेश किया गया है।
ये भी पढ़ेंः





