PoK में बढ़ती हिंसा पर संयुक्त राष्ट्र की चिंता, पाकिस्तान से निष्पक्ष जांच और इंटरनेट बहाल करने की मांग

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में जारी हिंसा और विरोध प्रदर्शनों पर संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय (OHCHR) ने गंभीर चिंता जताई है। संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार उच्चायुक्त वोल्कर टर्क ने कहा कि जून 2026 से अब तक हुई हिंसक घटनाओं में कई लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें अधिकांश प्रदर्शनकारी हैं। कुछ सुरक्षा बलों के जवानों के भी मारे जाने की जानकारी सामने आई है।
उन्होंने सभी मौतों और हिंसा की घटनाओं की स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराने की मांग की है। साथ ही पाकिस्तान से क्षेत्र में शांति बहाल करने और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने को कहा गया है।
JAAC पर प्रतिबंध को लेकर संयुक्त राष्ट्र की आपत्ति
संयुक्त राष्ट्र ने जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) पर लगाए गए प्रतिबंध पर भी सवाल उठाए हैं। पाकिस्तान सरकार ने इस संगठन को आतंकवाद-रोधी कानूनों के तहत प्रतिबंधित किया है और इसके कई नेताओं को गिरफ्तार किया गया है।
मानवाधिकार कार्यालय का कहना है कि किसी नागरिक संगठन को आपराधिक घोषित करना और शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर रोक लगाना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, शांतिपूर्ण सभा और संगठन बनाने के अधिकार का उल्लंघन हो सकता है।
संयुक्त राष्ट्र ने क्या मांगें रखीं?
संयुक्त राष्ट्र ने पाकिस्तान सरकार से कई अहम कदम उठाने की अपील की है:
- सभी मौतों और हिंसा की घटनाओं की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
- हिरासत में लिए गए JAAC नेताओं को वकील और परिवार से मिलने की अनुमति दी जाए।
- पूरे PoK में बंद इंटरनेट सेवाओं को तुरंत बहाल किया जाए।
- स्थानीय लोगों की आर्थिक और सामाजिक समस्याओं के समाधान के लिए सभी पक्षों के साथ राजनीतिक संवाद शुरू किया जाए।
आखिर क्यों हो रहे हैं प्रदर्शन?
PoK के कई हिस्सों में JAAC के नेतृत्व में लगातार विरोध प्रदर्शन जारी हैं। प्रदर्शनकारी महंगाई, बेरोजगारी, बिजली-पानी की समस्या, आर्थिक संकट और चुनावी सीटों के आरक्षण जैसे मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं।
JAAC ने पाकिस्तान सरकार के सामने 38 सूत्रीय मांगपत्र रखा है। वहीं 27 जुलाई 2026 को होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले क्षेत्र में राजनीतिक तनाव और बढ़ गया है।
चुनाव से पहले बढ़ी चिंता
विशेषज्ञों का मानना है कि चुनावी माहौल के बीच बढ़ती हिंसा और विरोध प्रदर्शन क्षेत्र की सुरक्षा और लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर असर डाल सकते हैं। संयुक्त राष्ट्र ने सभी पक्षों से संयम बरतने और शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में आगे बढ़ने की अपील की है।
👉 यह भी पढ़ें:
- ईरान के कुवैत पर मिसाइल हमले के बाद उड़ानें रोकी गईं, बिजली और डिसेलिनेशन प्लांट को नुकसान
- सोनम वांगचुक को हिरासत में लेने पर बढ़ा विवाद, दिल्ली में प्रदर्शन तेज
- देशभर में मानसून का कहर: कई राज्यों में भारी बारिश और बाढ़ का अलर्ट





