ईरान के कुवैत पर मिसाइल हमले से मची अफरा-तफरी, उड़ानें ठप; बिजली और पानी के प्लांट को भी नुकसान

कुवैत: मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ईरान की ओर से कुवैत पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए जाने का दावा सामने आया है। इन हमलों के बाद कुवैत में हवाई सुरक्षा अलर्ट जारी कर दिया गया, सभी उड़ानों को अस्थायी रूप से रोक दिया गया और बिजली ग्रिड व डिसेलिनेशन (समुद्री पानी को मीठा बनाने वाले) प्लांट के कुछ हिस्सों को नुकसान पहुंचने की खबर है। हालांकि, घटनाक्रम को लेकर विभिन्न पक्षों के दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है।
हमले के बाद पूरे देश में हाई अलर्ट
शनिवार तड़के कुवैत के कई इलाकों में हवाई हमले के सायरन बजने लगे। अधिकारियों ने नागरिकों से घरों के अंदर रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की। सुरक्षा एजेंसियों ने संभावित खतरे को देखते हुए पूरे देश में अलर्ट बढ़ा दिया।
IRGC का दावा, अमेरिकी ठिकानों को बनाया निशाना
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि ‘ऑपरेशन नसर-2’ के तहत कुवैत में मौजूद अमेरिकी सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया। संगठन के अनुसार:
- आरिफजान ग्राउंड फोर्सेज सपोर्ट सेंटर पर हमला किया गया।
- अल अली अल सलेम एयर बेस के रडार सिस्टम को ड्रोन से निशाना बनाया गया।
- अल अहमदी पोर्ट स्थित अमेरिकी नौसेना के ईंधन सपोर्ट पियर पर हमला हुआ।
- अमेरिकी संचार और सिग्नलिंग सुविधाओं को भी नुकसान पहुंचाने का दावा किया गया।
इन दावों की आधिकारिक और स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।
सभी उड़ानें अस्थायी रूप से रोकी गईं
सुरक्षा कारणों से कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उड़ानों का संचालन अस्थायी रूप से रोक दिया गया। कुवैत एयरवेज ने कई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को रद्द या स्थगित करने की जानकारी दी। एयरपोर्ट अथॉरिटी हालात सामान्य होने के बाद सेवाएं बहाल करने की तैयारी में है।
बिजली और डिसेलिनेशन प्लांट को नुकसान
कुवैत के बिजली, पानी और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के अनुसार हमलों के दौरान बिजली उत्पादन इकाइयों और डिसेलिनेशन प्लांट के कुछ हिस्सों में आग लग गई, जिससे बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा। कुवैत अपनी पेयजल आपूर्ति के लिए बड़े पैमाने पर डिसेलिनेशन प्लांट्स पर निर्भर है, इसलिए इस नुकसान को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
क्षेत्रीय तनाव और बढ़ने की आशंका
ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव का असर अब पूरे खाड़ी क्षेत्र पर दिखाई देने लगा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात नहीं सुधरे तो क्षेत्र में हवाई सेवाओं, ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री व्यापार पर व्यापक प्रभाव पड़ सकता है।
मुख्य बातें
- ईरान की ओर से कुवैत पर मिसाइल और ड्रोन हमले का दावा।
- पूरे देश में हवाई सुरक्षा अलर्ट और सायरन।
- कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उड़ानें अस्थायी रूप से रोकी गईं।
- बिजली ग्रिड और डिसेलिनेशन प्लांट के हिस्सों को नुकसान।
- अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले का IRGC का दावा, स्वतंत्र पुष्टि बाकी।
नोट: यह घटनाक्रम तेजी से बदल रहा है। विभिन्न पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। आधिकारिक एजेंसियों की पुष्टि और आगे के अपडेट का इंतजार किया जा रहा है।
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