जामताड़ा सदर अस्पताल में तोड़फोड़: भाजपा जिलाध्यक्ष समेत 8 पर FIR, डॉक्टरों की हड़ताल के बाद OPD सेवा बहाल

जामताड़ा: झारखंड के जामताड़ा सदर अस्पताल में प्रसूता और उसके गर्भस्थ शिशु की मौत के बाद हुए हंगामे ने अब राजनीतिक और प्रशासनिक रूप ले लिया है। अस्पताल में तोड़फोड़ और मेडिकल स्टाफ पर हमले के मामले में भाजपा जिलाध्यक्ष समेत आठ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है। घटना के विरोध में डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों ने OPD सेवाएं कुछ घंटों के लिए बंद रखीं, हालांकि पुलिस के आश्वासन के बाद हड़ताल समाप्त कर दी गई।
क्या है पूरा मामला?
16 जुलाई 2026 को महुलडांगल गांव निवासी रीना कुमारी (35) की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें जामताड़ा सदर अस्पताल से रेफर किया जा रहा था। इसी दौरान उनकी और गर्भस्थ शिशु की मौत हो गई। इसके बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया। इस दौरान अस्पताल में तोड़फोड़ की गई और मेडिकल स्टाफ के साथ मारपीट की घटना भी सामने आई।
इन लोगों के खिलाफ दर्ज हुई FIR
सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. दिनेश प्रसाद की शिकायत पर जामताड़ा टाउन थाना में आठ नामजद और कई अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
नामजद आरोपियों में शामिल हैं:
- भाजपा जिलाध्यक्ष सुमित शरण
- जिला महामंत्री कमलेश मंडल
- भाजपा युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष कुणाल सिंह
- नगर अध्यक्ष प्रदीप राउत
- आकाश साव
- टिंकू साव
- राज सोनकर
- वार्ड पार्षद बच्चू साव
पुलिस अस्पताल के CCTV फुटेज की जांच कर रही है और अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है।
डॉक्टरों ने किया विरोध, OPD रही प्रभावित
घटना के विरोध में 17 जुलाई को डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मचारियों ने कुछ घंटों के लिए OPD सेवाएं बंद रखीं। इस विरोध को झारखंड मेडिकल एसोसिएशन और मेडिकल एवं पब्लिक हेल्थ एम्प्लॉइज यूनियन का भी समर्थन मिला।
डॉक्टरों ने कहा कि अस्पतालों में सुरक्षित और भयमुक्त कार्य वातावरण सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और अस्पतालों में सुरक्षा बढ़ाने की मांग की।
SP के आश्वासन के बाद खत्म हुई हड़ताल
जामताड़ा के पुलिस अधीक्षक शंभू कुमार सिंह ने अस्पताल पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया। इसके बाद डॉक्टरों ने अपना विरोध समाप्त कर दिया और OPD सेवाएं फिर से शुरू हो गईं। इस दौरान इमरजेंसी सेवाएं लगातार चालू रहीं।
दो अलग-अलग FIR दर्ज
इस मामले में पुलिस ने दो अलग-अलग FIR दर्ज की हैं। पहली FIR अस्पताल प्रशासन की शिकायत पर तोड़फोड़ और हमले को लेकर दर्ज की गई है, जबकि दूसरी FIR घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच के लिए दर्ज की गई है। पुलिस CCTV फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है।
भाजपा ने बनाई फैक्ट-फाइंडिंग कमिटी
घटना के बाद भाजपा ने राज्य अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी के निर्देश पर तीन सदस्यीय फैक्ट-फाइंडिंग कमिटी गठित की है। इस समिति में सुनील सोरेन, अमर कुमार बौरी और कृष्णा महतो शामिल हैं।
समिति ने मृतका के परिजनों से मुलाकात कर अस्पताल में इलाज में कथित लापरवाही की जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल
यह घटना ऐसे समय हुई है जब जामताड़ा स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर पहले से चर्चा में रहा है। प्रसूता की मौत, अस्पताल में हिंसा और डॉक्टरों की हड़ताल ने जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था और अस्पतालों की सुरक्षा को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस जांच जारी है और CCTV फुटेज के आधार पर आगे और लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।
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