About News Box Bharat

News Box Bharat
News Box Bharat brings you the latest Hindi news, breaking news, and Jharkhand news, covering politics, business, sports, entertainment, and important national updates. Our mission is to keep you informed with timely news and reliable information.

Recent Posts

+91 6205-216-893 mailnewsboxbharat@gmail.com
Saturday, October 31, 2026
तृणमूल कांग्रेस (TMC) में कथित बगावत को दर्शाता राजनीतिक थंबनेल, जिसमें ममता बनर्जी और सायोनी घोष की तस्वीरें हैं। थंबनेल पर TMC में बड़ी टूट, 20 सांसदों के NCPI में शामिल होने और NDA को समर्थन देने की खबर दिखाई गई है।
TMC में बड़ी राजनीतिक हलचल! 20 सांसदों के NCPI में शामिल होने और NDA को समर्थन देने के दावे ने बंगाल की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। क्या बदल जाएगा सियासी समीकरण?
Politics

TMC में बड़ी टूट! 20 सांसदों ने बगावत कर NCPI का दामन थामा, NDA को समर्थन का ऐलान

Share the post

TMC के 20 बागी सांसदों ने NCPI में विलय और NDA को समर्थन देने की घोषणा की है।

लोकसभा स्पीकर को सौंपा पत्र, अलग बैठने की मांग

तृणमूल कांग्रेस (TMC) में लंबे समय से चल रहा असंतोष अब बड़े राजनीतिक संकट में बदलता नजर आ रहा है। पार्टी के करीब 20 लोकसभा सांसदों ने Nationalist Citizens Party of India (NCPI) में विलय करने का फैसला लिया है और केंद्र की NDA सरकार को समर्थन देने की घोषणा की है।

बागी सांसदों के समूह का नेतृत्व बारासत से सांसद काकोली घोष दस्तिदार कर रही हैं। रविवार को उन्होंने अन्य सांसदों के साथ लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर एक पत्र सौंपा और संसद में अलग बैठने की व्यवस्था की मांग की।

“काकोली घोष दस्तिदार ने मीडिया से बातचीत में कहा, “हम Nationalist Citizens Party में विलय कर रहे हैं। हम देश के हित में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और NDA के साथ काम करेंगे।”

दो-तिहाई से अधिक सांसद गुट में शामिल

सूत्रों के अनुसार, TMC के कुल 28-29 लोकसभा सांसदों में से 19 से 22 सांसद इस नए गुट के साथ हैं। यह संख्या पार्टी के दो-तिहाई सांसदों से अधिक बताई जा रही है, जिससे दल-बदल कानून के तहत अयोग्यता का खतरा काफी कम माना जा रहा है।

कौन-कौन हैं प्रमुख बागी सांसद?

बागी गुट में शामिल प्रमुख सांसदों के नाम इस प्रकार बताए जा रहे हैं:

  • काकोली घोष दस्तिदार (बारासत)
  • सुदिप बंद्योपाध्याय
  • सायोनी घोष
  • माला रॉय
  • यूसुफ पठान
  • सताब्दी रॉय
  • अरूप चक्रवर्ती
  • अन्य सांसद

NCPI को ही क्यों चुना?

राजनीतिक हलकों में सबसे बड़ा सवाल यह है कि बागी सांसदों ने सीधे भाजपा में शामिल होने के बजाय NCPI का रास्ता क्यों चुना।

जानकारों के अनुसार NCPI एक छोटी क्षेत्रीय पार्टी है, जिसका आधार त्रिपुरा में माना जाता है। कुछ रिपोर्टों में इसका संबंध हावड़ा क्षेत्र से भी बताया गया है। इस पार्टी में विलय करके सांसद एंटी-डिफेक्शन कानून (दसवीं अनुसूची) की जटिलताओं से बचने की कोशिश कर रहे हैं।

चूंकि बागी सांसदों की संख्या दो-तिहाई से अधिक बताई जा रही है, इसलिए उनके खिलाफ अयोग्यता की कार्रवाई करना आसान नहीं होगा।

TMC नेतृत्व के लिए बड़ा झटका

यह घटनाक्रम ममता बनर्जी और TMC नेतृत्व के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद पार्टी के भीतर असंतोष की खबरें लगातार सामने आ रही थीं। अब सांसदों के इस कदम ने राज्य और राष्ट्रीय राजनीति में नई बहस छेड़ दी है।

NDA को मिल सकता है फायदा

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह विलय औपचारिक रूप से मान्य हो जाता है, तो लोकसभा में NDA की स्थिति और मजबूत हो सकती है। इससे सरकार को महत्वपूर्ण विधेयकों और राजनीतिक मुद्दों पर अतिरिक्त समर्थन मिलने की संभावना बढ़ जाएगी।

Leave a Response