बंगाल के पूर्व सरकारी बस ड्राइवर के ठिकानों से 15 किलो सोना, ₹28.5 करोड़ नकद बरामद; ₹150 करोड़ की संपत्ति जब्त

पश्चिम बंगाल के बिर्भूम जिले में पुलिस ने एक पूर्व सरकारी बस ड्राइवर मिनार मंडल के ठिकानों पर छापेमारी कर 28.5 करोड़ रुपये नकद और करीब 15 किलो सोना बरामद किया है। मिनार मंडल को फरार पत्थर कारोबारी मोहम्मद नजीमुद्दीन उर्फ तुलू मंडल का करीबी रिश्तेदार और सहयोगी बताया जा रहा है। इस कार्रवाई में पुलिस ने नकदी, सोना, वाहन, जमीन और अन्य संपत्तियों समेत अब तक करीब 150 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की है।
छापेमारी में क्या-क्या मिला?
पुलिस की कार्रवाई के दौरान कई ठिकानों से भारी मात्रा में नकदी और संपत्तियां बरामद हुईं।
- ₹28.5 करोड़ नकद
- करीब 15 किलो सोना
- नकदी, सोना और जेवरात मिलाकर करीब ₹50 करोड़ की संपत्ति
- ₹93 करोड़ विभिन्न बैंक खातों में फ्रीज
- 242 वाहन, जिनमें लक्जरी कारें, ट्रक और डंपर शामिल
- 21 संपत्तियां, जिनमें
- 7 मकान
- 1 फार्महाउस
- 2 पेट्रोल पंप
- पत्थर की खदानें
- स्टोन क्रशर
- करीब 300 बीघा जमीन
जांच एजेंसियों के मुताबिक अब तक इस नेटवर्क से जुड़ी करीब ₹150 करोड़ की संपत्ति जब्त की जा चुकी है।
जांच का दायरा तुलू मंडल तक पहुंचा
पुलिस के अनुसार फरार पत्थर कारोबारी मोहम्मद नजीमुद्दीन उर्फ तुलू मंडल की तलाश जारी है। जांच में उसके और उसके रिश्तेदारों से जुड़े कई ठिकानों पर भी कार्रवाई की गई है। तुलू मंडल को पूर्व टीएमसी नेता अनूब्रत मंडल का करीबी माना जाता रहा है। हालांकि इस संबंध में जांच अभी जारी है।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का बड़ा दावा
छापेमारी के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने नबन्ना में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया कि बिर्भूम में अवैध पत्थर खनन और तस्करी के कारण पिछले 15 वर्षों में करीब ₹15,000 करोड़ का राजस्व नुकसान हुआ।
उन्होंने आरोप लगाया कि इतना बड़ा नेटवर्क सरकारी तंत्र की जानकारी या सहयोग के बिना नहीं चल सकता था। उनके अनुसार कई विभाग या तो इस पूरे नेटवर्क में शामिल थे या फिर कार्रवाई नहीं कर रहे थे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के संरक्षण के बिना इतना बड़ा भ्रष्टाचार संभव नहीं था।
राजस्व को लेकर क्या दावा किया गया?
मुख्यमंत्री ने कहा कि:
- टीएमसी सरकार के दौरान बिर्भूम से पत्थर खनन का वार्षिक राजस्व 60–80 करोड़ रुपये के बीच था।
- नई सरकार बनने के बाद मई-जून में केवल एक महीने में 83 करोड़ रुपये का राजस्व मिला।
- अब यह आंकड़ा करीब 100 करोड़ रुपये प्रति माह तक पहुंच रहा है।
उन्होंने दावा किया कि पहले हर साल करीब 1,000 करोड़ रुपये का राजस्व चोरी हो रहा था, जो 15 वर्षों में लगभग ₹15,000 करोड़ तक पहुंच गया।
फिलहाल क्या स्थिति है?
मुख्य आरोपी मोहम्मद नजीमुद्दीन उर्फ तुलू मंडल अभी भी फरार है। पुलिस उसकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। प्रशासन ने संकेत दिया है कि उससे जुड़ी अन्य संपत्तियों की पहचान कर उन्हें भी जब्त करने की प्रक्रिया जारी रहेगी।
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