PM मोदी के साथ डीपफेक फोटो विवाद। दिल्ली HC का बड़ा आदेश।Meta को 24 घंटे में कंटेंट हटाने का निर्देश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ एक महिला की कथित आपत्तिजनक और मॉर्फ्ड तस्वीरें सोशल मीडिया पर फैलाए जाने के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार, 25 सितंबर 2026 को अहम निर्देश दिए। कोर्ट ने Meta Platforms को संबंधित आपत्तिजनक कंटेंट को 24 घंटे के भीतर हटाने का निर्देश दिया और दिल्ली पुलिस को शिकायतकर्ता महिला को पूरी सुरक्षा देने को कहा। मामले में Cockroach Janta Party (CJP) से जुड़े चार नेताओं को नोटिस भी जारी किया गया है।
महत्वपूर्ण: महिला ने CJP नेताओं पर तस्वीरें मॉर्फ कर फैलाने के आरोप लगाए हैं। ये आरोप अभी अदालत में साबित नहीं हुए हैं और संबंधित पक्षों का जवाब इस मामले में बाकी है।
क्या है पूरा मामला?
मामला एक 25 वर्षीय महिला की याचिका से जुड़ा है। महिला का आरोप है कि उसकी निजी तस्वीर का इस्तेमाल कर AI आधारित फेस-स्वैपिंग तकनीक से ऐसी तस्वीर तैयार की गई, जिसमें उसका चेहरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ एक आपत्तिजनक तस्वीर में दिखाया गया।
याचिका के मुताबिक, यह कथित सामग्री सोशल मीडिया पर प्रसारित की गई और महिला को इसके बाद धमकियां मिलने लगीं। महिला ने आरोप लगाया कि ऐसी तस्वीरें CJP के जंतर-मंतर प्रदर्शन से जुड़े पोस्टरों और सोशल मीडिया सामग्री में भी इस्तेमाल की गईं।
महिला की ओर से अदालत में कहा गया कि कथित डीपफेक सामग्री को हटाने के लिए तत्काल कार्रवाई की जरूरत है और पुलिस में FIR दर्ज होने के बावजूद ऑनलाइन कंटेंट के खिलाफ पर्याप्त कार्रवाई नहीं हुई।
दिल्ली हाईकोर्ट ने क्या आदेश दिया?
मामले की सुनवाई कर रहे जस्टिस गिरिश कठपालिया ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कई निर्देश दिए।
1. Meta को 24 घंटे में कंटेंट हटाना होगा
अदालत ने Meta Platforms को निर्देश दिया कि उसके नियंत्रण वाले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से संबंधित आपत्तिजनक तस्वीरों को 24 घंटे के भीतर हटाया जाए।
Meta के प्लेटफॉर्म में Facebook और Instagram जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म शामिल हैं।
2. महिला को पुलिस सुरक्षा
महिला ने अदालत को बताया कि कथित तस्वीरें वायरल होने के बाद उसे धमकियां मिल रही हैं। इसके बाद कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को उसे पूरी और व्यावहारिक सुरक्षा देने का निर्देश दिया।
अदालत ने कहा कि महिला अपना सही आवासीय पता जांच अधिकारी को दे, जिसे संबंधित SHO तक पहुंचाया जाए ताकि सुरक्षा की व्यवस्था की जा सके।
3. दिल्ली पुलिस से एक सप्ताह में रिपोर्ट
कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से मामले की जांच में अब तक उठाए गए कदमों की जानकारी देते हुए एक सप्ताह के भीतर स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है।
किन CJP नेताओं को नोटिस?
महिला की याचिका में CJP से जुड़े चार नेताओं के नाम दिए गए हैं:
- सौरव दास
- अभिजीत दिपके
- आशुतोष रांका
- रत्ना सिंह
दिल्ली हाईकोर्ट ने इन सभी को नोटिस जारी किया है। महिला ने आरोप लगाया है कि इन लोगों ने कथित मॉर्फ्ड तस्वीरों को पोस्ट और प्रसारित किया।
FIR पहले ही दर्ज हो चुकी थी
रिपोर्टों के मुताबिक, महिला की शिकायत पर 24 सितंबर को दिल्ली पुलिस की साइबर पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की गई थी। इसके बाद मामले में हाईकोर्ट से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की गई।
महिला का आरोप था कि FIR दर्ज होने के बावजूद कथित डीपफेक सामग्री इंटरनेट पर बनी हुई थी और उसे धमकियां मिल रही थीं।
कोर्ट ने इसे गंभीर मामला क्यों माना?
सुनवाई के दौरान जस्टिस गिरिश कठपालिया ने मामले की असाधारण संवेदनशीलता पर जोर दिया। कोर्ट ने कहा कि यह केवल महिला से जुड़ा मामला नहीं है, बल्कि तस्वीर में देश के प्रधानमंत्री को भी दिखाया गया है।
अदालत ने यह भी संकेत दिया कि सामान्य परिस्थितियों में ऑनलाइन कंटेंट हटाने की मांग के लिए उपलब्ध दूसरे कानूनी रास्ते हो सकते हैं, लेकिन मामले की संवेदनशीलता और तत्काल सुरक्षा की जरूरत को देखते हुए हाईकोर्ट ने हस्तक्षेप किया।
क्या महिला को मुआवजा भी मिल सकता है?
सुनवाई के दौरान अदालत ने यह स्पष्ट किया कि महिला के पास प्रदर्शन के आयोजकों से कानून के तहत मुआवजे का दावा करने का अधिकार भी रहेगा। मौजूदा याचिका से उसके दूसरे कानूनी उपायों पर रोक नहीं लगती।
अगली सुनवाई कब होगी?
मामले को आगे की सुनवाई के लिए 14 अक्टूबर 2026 को सूचीबद्ध किया गया है। इससे पहले दिल्ली पुलिस को अपनी स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करनी होगी।
डीपफेक को लेकर बड़ा सवाल
इस मामले ने एक बार फिर AI से बनाई गई फर्जी तस्वीरों और वीडियो के दुरुपयोग को लेकर सवाल खड़े किए हैं। किसी व्यक्ति के चेहरे को AI फेस-स्वैपिंग तकनीक के जरिए किसी दूसरी तस्वीर या वीडियो में लगाकर उसे वास्तविक जैसा दिखाया जा सकता है।
ऐसी सामग्री अगर सोशल मीडिया पर तेजी से फैलती है तो प्रभावित व्यक्ति की निजता, प्रतिष्ठा और सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ सकता है। इस मामले में अदालत का तत्काल कंटेंट हटाने और पुलिस सुरक्षा देने का आदेश इसी पृष्ठभूमि में महत्वपूर्ण है।
पूरे मामले की टाइमलाइन
24 सितंबर: महिला की शिकायत पर साइबर पुलिस में FIR दर्ज होने की जानकारी सामने आई।
25 सितंबर सुबह: दिल्ली हाईकोर्ट ने मामले को तत्काल सुनवाई के लिए स्वीकार किया।
25 सितंबर: हाईकोर्ट ने Meta को 24 घंटे में आपत्तिजनक कंटेंट हटाने और दिल्ली पुलिस को महिला को सुरक्षा देने का निर्देश दिया। CJP नेताओं को नोटिस जारी हुआ।अगली सुनवाई: 14 अक्टूबर 2026।





