कल का मौसम 26 सितंबर। 23 राज्यों में बारिश-आंधी का अलर्ट। UP-बिहार में भारी बारिश। झारखंड में भी गरज-चमक

देश के कई हिस्सों में सितंबर के आखिरी दिनों में भी बारिश का दौर जारी है। 26 सितंबर 2026 को उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा और उत्तराखंड समेत कई राज्यों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना है। नवभारत टाइम्स ने मौसम विभाग के हवाले से 23 राज्यों में बारिश और कुछ इलाकों में 80 किमी/घंटे तक हवा चलने की चेतावनी दी है। हालांकि, ताजा IMD के राज्यवार बुलेटिन में हर राज्य के लिए चेतावनी की तीव्रता अलग-अलग है, इसलिए सभी 23 राज्यों में एक जैसी स्थिति मानना सही नहीं होगा।
26 सितंबर को कहां कैसा रहेगा मौसम?
उत्तर प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट
उत्तर प्रदेश में 26 सितंबर को मौसम खास तौर पर सक्रिय रहने वाला है। IMD के ताजा बुलेटिन के मुताबिक पूर्वी उत्तर प्रदेश में बहुत भारी बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना है। पश्चिमी यूपी में भी भारी बारिश तथा आंधी-तूफान की चेतावनी है। 27 सितंबर को भी राज्य के कुछ हिस्सों में बारिश जारी रह सकती है।
इसलिए लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर और आसपास के इलाकों में स्थानीय स्तर पर जलभराव और यातायात प्रभावित होने जैसी स्थिति बन सकती है।
बिहार में भारी बारिश और आंधी
बिहार के लिए भी 26 सितंबर को भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं का अलर्ट है। IMD के अनुसार 25 सितंबर को बिहार में बहुत भारी बारिश की चेतावनी थी, जबकि 26 सितंबर को भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
बारिश के साथ बिजली चमकने की स्थिति में खुले मैदान और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी जाती है।
झारखंड में गरज-चमक और तेज हवा
झारखंड के लिए IMD ने 26 सितंबर को Thunderstorm & Lightning और Squall की चेतावनी दी है। यानी राज्य के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। 27 सितंबर को भी ऐसी गतिविधियां जारी रहने की संभावना है।
रांची समेत झारखंड के लोगों के लिए खास सावधानी: आंधी के दौरान बिजली के खंभों, पेड़ों, कमजोर होर्डिंग और खुले स्थानों से दूरी बनाए रखना बेहतर होगा।
ओडिशा में भारी बारिश
ओडिशा में 25 सितंबर को बहुत भारी बारिश की चेतावनी के बाद 26 सितंबर को भी भारी बारिश, गरज-चमक और squall की संभावना है। इसके बाद 27 सितंबर को चेतावनी नहीं है।
ओडिशा और आसपास के तटीय क्षेत्रों में खराब मौसम के दौरान समुद्र में जाने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
उत्तराखंड में सबसे ज्यादा सतर्कता
उत्तराखंड के लिए 26 सितंबर को IMD ने अत्यधिक भारी बारिश (Extremely Heavy Rain) के साथ गरज-चमक और बिजली की चेतावनी दी है। 27 सितंबर को भी बहुत भारी बारिश और 28 सितंबर को भारी बारिश की संभावना है।
पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश के दौरान भूस्खलन, सड़क अवरोध और अचानक जलस्तर बढ़ने का जोखिम बढ़ सकता है।
दिल्ली में बारिश की वापसी, लेकिन 80 KM की हवा वाले दावे को समझना जरूरी
दिल्ली के मौसम को लेकर भी अलग-अलग रिपोर्टों में बारिश की संभावना बताई गई है। IMD के दिल्ली-सफदरजंग पूर्वानुमान के मुताबिक 26 सितंबर को सामान्य रूप से बादल छाए रहने और मध्यम बारिश की संभावना है। सुबह और दोपहर के दौरान गरज-चमक तथा 40-50 किमी/घंटे की तेज हवाएं चल सकती हैं। 26 सितंबर के लिए तापमान लगभग 23 से 33 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
यानी 80 किमी/घंटे तक हवा का आंकड़ा हर जगह या खास तौर पर दिल्ली के लिए नहीं है। यह कुछ प्रभावित क्षेत्रों में संभावित तेज हवाओं/झोंकों से जुड़ा व्यापक पूर्वानुमान है। स्थानीय मौसम की स्थिति अलग हो सकती है। नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट में 80 किमी/घंटे तक की हवा का उल्लेख है।
पहाड़ी राज्यों में बारिश के साथ भूस्खलन का खतरा
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में बारिश के साथ पहाड़ी इलाकों में अतिरिक्त सावधानी की जरूरत है। IMD ने उत्तराखंड के लिए 26 सितंबर को अत्यधिक भारी बारिश और हिमाचल प्रदेश के लिए भारी बारिश तथा गरज-चमक की चेतावनी दी है।
ऐसे मौसम में पहाड़ी सड़कों पर सफर करने वालों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की ताजा एडवाइजरी देखनी चाहिए।
क्या 23 राज्यों में एक जैसा अलर्ट है?
नहीं। यह बात खबर में साफ रखना जरूरी है। नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट में 23 राज्यों में बारिश और तेज हवाओं की बात कही गई है, लेकिन IMD के ताजा राज्यवार बुलेटिन में अलग-अलग राज्यों के लिए अलग-अलग स्तर की चेतावनियां हैं। कहीं भारी बारिश है, कहीं बहुत भारी बारिश, तो कहीं केवल गरज-चमक और बिजली की चेतावनी।
उदाहरण के लिए:
| राज्य/क्षेत्र | 26 सितंबर की IMD चेतावनी |
|---|---|
| पूर्वी यूपी | बहुत भारी बारिश + गरज-चमक |
| पश्चिमी यूपी | भारी बारिश + गरज-चमक |
| बिहार | भारी बारिश + गरज-चमक |
| झारखंड | गरज-चमक, बिजली, तेज हवा |
| ओडिशा | भारी बारिश + गरज-चमक |
| उत्तराखंड | अत्यधिक भारी बारिश + गरज-चमक |
| हिमाचल प्रदेश | भारी बारिश + गरज-चमक |
| J&K-लद्दाख | गरज-चमक/बिजली |
इन चेतावनियों की तारीख 25 सितंबर को जारी IMD अपडेट पर आधारित है।
मौसम में बदलाव की बड़ी वजह क्या है?
पूर्वी और मध्य भारत में मौजूदा बारिश की गतिविधियों के पीछे बंगाल की खाड़ी से जुड़े मौसम तंत्र का प्रभाव रहा है। हाल के दिनों में एक डीप डिप्रेशन ने ओडिशा और आसपास के इलाकों में भारी बारिश कराई और इसके प्रभाव से पूर्वी भारत के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधि बनी हुई है।
साथ ही, देश के कुछ हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी शुरू हो चुकी है। IMD के अनुसार पश्चिमी राजस्थान से मानसून की वापसी शुरू हुई है, जबकि पूर्वी और मध्य भारत के कई इलाकों में बारिश की गतिविधियां अभी बनी हुई हैं।
बारिश और आंधी के दौरान क्या सावधानी रखें?
- तेज आंधी में पेड़ या बिजली के खंभे के नीचे न खड़े हों।
- बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान से बाहर निकल जाएं।
- कमजोर छत, होर्डिंग और निर्माणाधीन ढांचे से दूरी रखें।
- भारी बारिश में नदी, नाला या तेज बहाव वाले पानी के पास न जाएं।
- पहाड़ी क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचें।
- सड़क पर जलभराव होने पर गाड़ी को तेज गति से न चलाएं।
- मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की ताजा चेतावनी पर नजर रखें।
आगे कैसा रहेगा मौसम?
26 सितंबर के बाद भी कुछ राज्यों में बारिश जारी रह सकती है। उत्तराखंड में 27 सितंबर को भी बहुत भारी बारिश की चेतावनी है, जबकि उत्तर प्रदेश में 27 सितंबर को भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। झारखंड में 27 सितंबर को भी गरज-चमक और तेज हवाओं की गतिविधि जारी रहने का अनुमान है।
इसलिए 26 सितंबर को पूरे देश के लिए एक जैसा “मूसलाधार बारिश का अलर्ट” बताना सही नहीं होगा। अलग-अलग राज्यों और जिलों में मौसम की तीव्रता अलग रह सकती है। स्थानीय पूर्वानुमान सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण रहेगा।
26 सितंबर को यूपी, बिहार, झारखंड, ओडिशा और पहाड़ी राज्यों समेत कई हिस्सों में मौसम खराब रहने की संभावना है। पूर्वी यूपी और उत्तराखंड में बारिश की चेतावनी ज्यादा गंभीर है, जबकि झारखंड में मुख्य खतरा गरज-चमक, बिजली और तेज हवाओं का है। दिल्ली में भी मध्यम बारिश और 40-50 किमी/घंटे की हवाओं की संभावना है।
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