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Tuesday, October 20, 2026
अमेरिका के ग्रैंड कैन्यन में फ्लैश फ्लड के बाद राहत अभियान जारी है, जबकि नेपाल में भीषण बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है।
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नेपाल की तबाही के बीच अमेरिका में भी फ्लैश फ्लड, ग्रैंड कैन्यन में 2 की मौत

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दुनिया के दो अलग-अलग हिस्सों में आई भीषण बाढ़ ने एक बार फिर अचानक आने वाली फ्लैश फ्लड की ताकत और खतरे को सामने ला दिया है। अमेरिका के मशहूर ग्रैंड कैन्यन नेशनल पार्क में अचानक आई बाढ़ से कम से कम दो लोगों की मौत हुई है, जबकि दर्जनों लोगों को सुरक्षित निकाला गया। वहीं नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ के बाद मौतों का आंकड़ा 900 से ऊपर पहुंच चुका है और हजारों लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं।

दोनों घटनाएं एक जैसी नहीं हैं और इनके स्थानीय कारण भी अलग हैं, लेकिन इनसे यह जरूर साफ होता है कि तेज बारिश, पहाड़ी इलाकों और अचानक बढ़ते जलस्तर के बीच फ्लैश फ्लड कितनी तेजी से हालात बदल सकती है।

ग्रैंड कैन्यन में अचानक बढ़ा पानी

अमेरिका के एरिजोना स्थित ग्रैंड कैन्यन में 29 अगस्त को तेज बारिश के बाद अचानक बाढ़ आई। सबसे ज्यादा असर Bright Angel Canyon और Phantom Ranch इलाके में हुआ।

बाढ़ का पानी इतनी तेजी से बढ़ा कि कई फुटब्रिज बह गए और ट्रेल्स तथा दूसरी आधारभूत संरचनाओं को भारी नुकसान पहुंचा। अधिकारियों के मुताबिक कम से कम 82 लोगों को प्रभावित इलाकों से निकाला गया, जबकि दो लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। सोमवार रात तक एक व्यक्ति के लापता होने की जानकारी थी।

बाढ़ ने पार्क की Transcanyon Waterline को भी नुकसान पहुंचाया है, जिससे पानी की सप्लाई प्रभावित हुई और पार्क प्रशासन को पानी के इस्तेमाल को लेकर प्रतिबंध लगाने पड़े।

नेपाल में बाढ़ ने छोड़ी भारी तबाही

इसी बीच नेपाल में 26 अगस्त को हिमालयी क्षेत्र में आई विनाशकारी बाढ़ और मलबे ने कई जिलों में भारी तबाही मचाई। Rasuwa, Nuwakot और Dhading समेत कई इलाकों में सड़कें, पुल, घर और जरूरी सेवाओं का बुनियादी ढांचा प्रभावित हुआ।

UNICEF के मुताबिक इस आपदा से करीब 65 हजार लोग प्रभावित हुए हैं, जिनमें लगभग 22,100 बच्चे शामिल हैं। मौतों का आंकड़ा 900 से ऊपर बताया गया है, जबकि हजारों लोग अब भी लापता हैं। राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।

एक तरफ अमेरिका का टूरिस्ट स्पॉट, दूसरी तरफ हिमालयी गांव

ग्रैंड कैन्यन दुनिया के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल है। यहां आने वाले पर्यटकों को अचानक मौसम बदलने और फ्लैश फ्लड के खतरे का सामना करना पड़ा।

नेपाल में स्थिति इससे कहीं ज्यादा व्यापक है। वहां बाढ़ ने आबादी वाले इलाकों, सड़कों, पुलों और हाइड्रोपावर परियोजनाओं तक को प्रभावित किया है। कई जगहों पर राहत टीमों को दुर्गम पहाड़ी इलाकों तक पहुंचने में भी मुश्किल हो रही है।

क्या दोनों घटनाओं में कोई समानता है?

सीधे तौर पर दोनों घटनाओं को एक ही कारण से जोड़ना सही नहीं होगा। ग्रैंड कैन्यन में स्थानीय स्तर पर बेहद कम समय में हुई भारी बारिश के कारण पानी तेजी से नीचे की ओर आया। वहीं नेपाल की आपदा में हिमालयी क्षेत्र में बाढ़, मलबे और ग्लेशियल घटनाओं ने बड़े इलाके को प्रभावित किया है।

लेकिन दोनों घटनाएं एक महत्वपूर्ण चेतावनी जरूर देती हैं—पहाड़ी इलाकों में मौसम और पानी का मिजाज कुछ ही मिनटों में जानलेवा हो सकता है।

क्यों अहम है यह रिपोर्ट?

ग्रैंड कैन्यन की घटना इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दिखाती है कि दुनिया के सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में भी अचानक आने वाली बाढ़ कितनी खतरनाक हो सकती है। नेपाल की त्रासदी इसके कहीं बड़े और ज्यादा गंभीर रूप को सामने रखती है।

इन घटनाओं के बीच एक साझा संदेश साफ है: पहाड़ों में मौसम की चेतावनी को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है।

अमेरिका के ग्रैंड कैन्यन से लेकर नेपाल के हिमालयी इलाकों तक हाल की बाढ़ की घटनाओं ने दुनिया का ध्यान एक बार फिर flash flood preparedness और early warning systems की ओर खींचा है। ग्रैंड कैन्यन में राहत और खोज अभियान जारी है, जबकि नेपाल में हजारों परिवार अब भी अपनों और सामान्य जिंदगी की वापसी का इंतजार कर रहे हैं।

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