कजरी पर्व की खुशियां मातम में बदलीं। प्रयागराज में कर्णावती नदी में डूबीं 5 किशोरियां। 24 घंटे बाद मिलीं 2 की लाशें

प्रयागराज के मांडा इलाके में कजरी पर्व के दौरान एक दर्दनाक हादसे ने खुशियों को मातम में बदल दिया। रामपुर सिरिया गांव के पास कर्णावती नदी में जरई और गुड़िया विसर्जित करने पहुंचीं किशोरियां नहाने के दौरान तेज बहाव की चपेट में आ गईं। ग्रामीणों ने तीन लड़कियों को बचा लिया, जबकि अंकिता तिवारी और शुभि मिश्रा तेज धारा में बह गईं। करीब 24 घंटे बाद दोनों के शव घटनास्थल से लगभग दो किलोमीटर दूर मिले।
जरई-गुड़िया विसर्जित करने के बाद नदी में उतरी थीं लड़कियां
हादसा सोमवार सुबह मांडा थाना क्षेत्र के सुरवांदलापुर गांव के पास हुआ। रिपोर्ट के मुताबिक पांच किशोरियां कजरी पर्व के लिए घर में तैयार की गई जरई और गुड़िया लेकर कर्णावती नदी पहुंची थीं। पहले उन्होंने नदी में इन्हें विसर्जित किया और इसके बाद नहाने के लिए पानी में उतर गईं। इसी दौरान तेज बहाव के कारण वे मुश्किल में फंस गईं।
एक किशोरी को डूबता देखकर बाकी लड़कियों ने उसे बचाने की कोशिश की। इसी दौरान कई लड़कियां तेज धारा की चपेट में आ गईं। नदी किनारे खेतों में काम कर रहे ग्रामीणों ने शोर सुनकर तुरंत नदी में उतरकर तीन किशोरियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन अंकिता और शुभि बह गईं।
देर तक चलता रहा तलाश अभियान
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। स्थानीय गोताखोरों के साथ जल पुलिस और एसडीआरएफ की मदद से नदी में तलाश शुरू की गई। हालांकि सोमवार देर शाम तक दोनों किशोरियों का पता नहीं चल सका।
रात के बाद मंगलवार सुबह आखिरकार दोनों के शव महुआरीकला गांव के पास नदी में करीब दो किलोमीटर दूर मिले। बेटियों के शव मिलने की खबर से परिवारों में कोहराम मच गया।
कजरी की खुशियां पलभर में मातम में बदलीं
कजरी पर्व के मौके पर गांव की किशोरियां उत्सव में शामिल होने के लिए नदी तक पहुंची थीं। लेकिन तेज बहाव ने पूरे माहौल को गम में बदल दिया। हादसे के बाद गांव में शोक का माहौल है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना को लेकर ग्रामीणों में प्रशासन और बचाव व्यवस्था को लेकर नाराजगी भी सामने आई है।
हादसे में क्या हुआ?
- कजरी पर्व पर किशोरियां कर्णावती नदी पहुंची थीं।
- जरई और गुड़िया विसर्जित करने के बाद वे नदी में नहाने लगीं।
- तेज बहाव में कई लड़कियां फंस गईं।
- ग्रामीणों ने तीन किशोरियों को बचा लिया।
- अंकिता तिवारी और शुभि मिश्रा तेज धारा में बह गईं।
- करीब 24 घंटे बाद दोनों के शव दो किलोमीटर दूर मिले।
एक जरूरी बात
अलग-अलग रिपोर्टों में नदी पर पहुंची बच्चियों की संख्या को लेकर 5 और 6 का अंतर दिखाई दे रहा है। इसलिए खबर में मुख्य घटना और पुष्ट रूप से सामने आए दो लापता/मृत किशोरियों तथा तीन बचाई गई किशोरियों के आंकड़े को प्राथमिकता दी गई है।
प्रयागराज के मांडा में कजरी पर्व के दौरान हुआ यह हादसा नदी और तेज बहाव के बीच सावधानी की गंभीर याद दिलाता है। उत्सव के लिए नदी किनारे पहुंची किशोरियों के लिए कुछ ही पलों में स्थिति जानलेवा बन गई। दो परिवारों ने अपनी बेटियां खो दीं, जबकि तीन किशोरियों को ग्रामीणों की तत्परता से बचाया जा सका।
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