मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का नया ऑफिस एयर इंडिया बिल्डिंग में होगा शिफ्ट, महाराष्ट्र सरकार को 200 करोड़ रुपये की बचत

मुंबई में महाराष्ट्र सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का कार्यालय अब राज्य सचिवालय (मंत्रालय) से नरीमन पॉइंट स्थित प्रतिष्ठित एयर इंडिया बिल्डिंग में स्थानांतरित किया जाएगा। सरकार का कहना है कि मंत्रालय में जगह की कमी को देखते हुए यह कदम उठाया गया है, जिससे सरकारी खर्च में भी बड़ी बचत होगी।
मंत्रालय में जगह की कमी बनी वजह
महाराष्ट्र सरकार के अनुसार मंत्रालय भवन में लंबे समय से जगह की कमी बनी हुई है। वर्ष 1955 में बने इस भवन में सभी विभागों के लिए पर्याप्त स्थान नहीं बचा है। इसी कारण सरकार को आसपास के इलाकों में करीब 9 लाख वर्ग फुट कार्यालय किराये पर लेने पड़े थे।
अब मुख्यमंत्री कार्यालय के साथ-साथ मंत्रालय के बाहर संचालित कई अन्य सरकारी विभागों को भी एयर इंडिया बिल्डिंग में स्थानांतरित किया जाएगा।
1,601 करोड़ रुपये में खरीदी गई एयर इंडिया बिल्डिंग
नरीमन पॉइंट स्थित 23 मंजिला एयर इंडिया बिल्डिंग को महाराष्ट्र सरकार ने हाल ही में 1,601 करोड़ रुपये में खरीदा है। एयर इंडिया के निजीकरण और टाटा समूह को हस्तांतरण के बाद यह इमारत एयर इंडिया एसेट्स होल्डिंग लिमिटेड (AIAHL) के पास थी।
सरकार का मानना है कि इस इमारत के उपयोग से अलग-अलग स्थानों पर किराये पर लिए गए कार्यालयों की आवश्यकता कम होगी।
सरकार को 200 करोड़ रुपये की बचत का अनुमान
सरकार का अनुमान है कि कार्यालयों को एक ही परिसर में लाने से करीब 200 करोड़ रुपये की बचत होगी। यह बचत मुख्य रूप से किराये और प्रशासनिक खर्च में कमी आने से होगी।
पूरी योजना की समीक्षा के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक भी आयोजित की जाएगी।
सबसे ऊपरी मंजिल पर होगा मुख्यमंत्री कार्यालय
नई योजना के तहत मुख्यमंत्री का कार्यालय एयर इंडिया बिल्डिंग की सबसे ऊपरी मंजिल पर बनाया जाएगा। वहीं 22वीं मंजिल पर लगभग 13,363 वर्ग फुट क्षेत्र में आधुनिक कैबिनेट हॉल तैयार किया जाएगा।
मॉडल सरकारी कॉम्प्लेक्स के रूप में होगा विकास
लोक निर्माण विभाग (PWD) मंत्री शिवेंद्रसिंह भोसले ने कहा कि एयर इंडिया बिल्डिंग का महाराष्ट्र सरकार को हस्तांतरण प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि इस इमारत को मॉडल सरकारी कॉम्प्लेक्स के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां गुणवत्ता, स्थिरता और नागरिक सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
प्रशासनिक व्यवस्था होगी अधिक व्यवस्थित
सरकार का मानना है कि विभिन्न विभागों को एक ही परिसर में लाने से अधिकारियों के बीच समन्वय बेहतर होगा, निर्णय प्रक्रिया तेज होगी और नागरिकों को भी सरकारी सेवाएं अधिक व्यवस्थित तरीके से मिल सकेंगी।
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