मोहम्मद जुनैद बोले- “मैं लड़ना नहीं छोड़ूंगा”, कथित हिरासत के बाद सुप्रीम कोर्ट पहुंचे सीजेपी प्रदर्शनकारी

कथित हिरासत के बाद मोहम्मद जुनैद ने न्याय की लड़ाई जारी रखने का किया ऐलान
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के छात्र आंदोलन से जुड़े 24 वर्षीय लॉ स्टूडेंट मोहम्मद जुनैद ने कथित अवैध हिरासत के मामले में सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उनका आरोप है कि आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाने के कारण पुलिस ने उन्हें प्रदर्शन समाप्त होने से एक दिन पहले हिरासत में लिया और रातभर पूछताछ की।
जुनैद का कहना है कि उन्हें अगले दिन रिहा कर दिया गया, लेकिन उन्होंने इस कार्रवाई को चुनौती देते हुए न्यायालय में याचिका दायर की है। फिलहाल इस मामले की सुनवाई होना बाकी है।
शिक्षा ने बदली सोच, आंदोलन से जुड़े
मोहम्मद जुनैद का कहना है कि उनके परिवार ने हमेशा शिक्षा को सबसे बड़ा सहारा माना। इसी सोच ने उन्हें कानून की पढ़ाई करने और सामाजिक मुद्दों पर सक्रिय होने के लिए प्रेरित किया।
सीजेपी के लंबे छात्र आंदोलन के दौरान वे करीब छह सप्ताह तक प्रदर्शन स्थल पर मौजूद रहे। वे आंदोलन के शीर्ष नेताओं में शामिल नहीं थे, लेकिन स्वयंसेवकों के साथ मिलकर प्रदर्शनकारियों के लिए भोजन, पानी और ठहरने जैसी व्यवस्थाओं में लगातार योगदान देते रहे।
हिरासत को लेकर क्या हैं आरोप?
जुनैद का दावा है कि प्रदर्शन समाप्त होने से कुछ घंटे पहले, अस्पताल से लौटने के दौरान उन्हें हिरासत में लिया गया। उनके अनुसार पुलिस ने आंदोलन में उनकी भूमिका को लेकर विस्तृत पूछताछ की।
अपनी याचिका में उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि पुलिस स्टेशन ले जाते समय उनकी आंखों पर पट्टी बांधी गई थी। हालांकि इन आरोपों पर संबंधित अधिकारियों की ओर से सार्वजनिक रूप से विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
विपक्ष और नागरिक संगठनों ने उठाए सवाल
जुनैद के खिलाफ कथित कार्रवाई को लेकर विपक्षी नेताओं और नागरिक अधिकार संगठनों ने सवाल उठाए हैं। वहीं सीजेपी नेताओं का आरोप है कि आंदोलन से जुड़े स्वयंसेवकों को निशाना बनाया जा रहा है।
“मैं नहीं रुकूंगा”
मोहम्मद जुनैद का कहना है कि वे इस पूरे घटनाक्रम को बड़े संघर्ष का एक छोटा हिस्सा मानते हैं। उनका कहना है कि यदि भविष्य में छात्र फिर किसी मुद्दे पर सड़कों पर उतरते हैं, तो वे भी उनके साथ खड़े होंगे।
उन्होंने कहा,
“अब मैं अपना जीवन इसी लड़ाई के लिए समर्पित करना चाहता हूं। मैं नहीं रुकूंगा।”
मुख्य बातें
- 24 वर्षीय लॉ स्टूडेंट हैं मोहम्मद जुनैद।
- सीजेपी छात्र आंदोलन में छह सप्ताह तक सक्रिय रहे।
- कथित अवैध हिरासत के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर।
- पुलिस द्वारा पूछताछ और हिरासत के आरोप लगाए।
- विपक्ष और नागरिक संगठनों ने मामले पर चिंता जताई।
- जुनैद ने कहा कि वे आंदोलन और न्याय की लड़ाई जारी रखेंगे।
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