टेक महिंद्रा कर्मचारी का आरोप: बेटी की तबीयत खराब होने पर ली छुट्टी, फिर नौकरी से निकाला

आईटी कंपनी टेक महिंद्रा की एक महिला सॉफ्टवेयर कर्मचारी ने कंपनी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कर्मचारी का कहना है कि अपनी छोटी बेटी की तबीयत खराब होने के कारण तीन दिन की सिक लीव लेने के बाद उसे बिना किसी पूर्व सूचना या स्पष्ट कारण के नौकरी से हटा दिया गया। इस मामले को लेकर उसने गुरुवार को हैदराबाद के दुंडीगल स्थित कंपनी कैंपस के बाहर प्रदर्शन किया।
साढ़े चार महीने पहले हुई थी जॉइनिंग
कर्मचारी भावना के अनुसार, उन्होंने करीब साढ़े चार महीने पहले टेक महिंद्रा में नौकरी शुरू की थी। उनका दावा है कि छुट्टी से लौटने के बाद उन्हें यह जानकारी मिली कि उनकी सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। उनका कहना है कि कंपनी ने इस संबंध में कोई संतोषजनक कारण नहीं बताया।
मेडिकल लीव के दौरान भी दबाव बनाने का आरोप
भावना ने आरोप लगाया कि इससे पहले कंपनी परिसर में गिरने के कारण उन्हें 14 दिन की मेडिकल लीव लेनी पड़ी थी। उस दौरान भी कंपनी प्रबंधन की ओर से लगातार ईमेल भेजकर जल्द काम पर लौटने का दबाव बनाया गया। उन्होंने दावा किया कि समय पर वापस नहीं आने पर नौकरी जाने की चेतावनी भी दी गई थी।
कार्यस्थल का माहौल बताया तनावपूर्ण
महिला कर्मचारी ने कंपनी के कार्यस्थल के माहौल पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, कर्मचारियों को वॉशरूम जाने के लिए भी अनुमति लेनी पड़ती थी, जिससे कार्यस्थल का वातावरण तनावपूर्ण महसूस होता था।
टेक महिंद्रा ने क्या कहा?
मामले पर The Hindu को दिए गए जवाब में टेक महिंद्रा ने कहा कि कंपनी ने संबंधित कर्मचारी से संपर्क किया है और मामले की तत्काल समीक्षा की जा रही है।
कंपनी के बयान के अनुसार:
“टेक महिंद्रा कर्मचारियों पर केंद्रित कंपनी है। हम अपने कर्मचारियों की भलाई और सुरक्षा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं तथा मामले की समीक्षा कर रहे हैं।”
आईटी सेक्टर की छुट्टी नीति पर उठे सवाल
यह मामला आईटी कंपनियों में कर्मचारियों की छुट्टियों, मेडिकल लीव और कार्यस्थल पर व्यवहार को लेकर नई बहस छेड़ सकता है। फिलहाल कंपनी ने मामले की जांच शुरू करने की बात कही है और आगे की जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।
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