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Monday, October 26, 2026
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का फैसला, पेंशन मिलने के बावजूद माता-पिता आश्रित माने जा सकते हैं।
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि वृद्धावस्था पेंशन मिलने के आधार पर माता-पिता को आश्रित मानने से इनकार नहीं किया जा सकता।
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पेंशन मिलने से माता-पिता का आश्रित होने का अधिकार खत्म नहीं होता: पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट

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पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि केवल वृद्धावस्था पेंशन मिलने के आधार पर किसी सरकारी कर्मचारी के माता-पिता को आश्रित (Dependent) मानने से इनकार नहीं किया जा सकता। अदालत ने स्पष्ट किया कि आश्रित होने का अर्थ सिर्फ आर्थिक निर्भरता नहीं, बल्कि शारीरिक और देखभाल संबंधी निर्भरता भी है।

हरियाणा सरकार का आदेश रद्द

जस्टिस संदीप मौदगिल की एकलपीठ ने हरियाणा सरकार के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें एक सरकारी कर्मचारी की मां को केवल वृद्धावस्था पेंशन प्राप्त होने के कारण आश्रित मानने से इनकार किया गया था। अदालत ने कहा कि प्रशासनिक आदेश वैधानिक नियमों से ऊपर नहीं हो सकते।

मेडिकल प्रतिपूर्ति कर्मचारियों का कानूनी अधिकार

हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवार को मिलने वाली मेडिकल प्रतिपूर्ति (Medical Reimbursement) कोई अनुग्रह या खैरात नहीं है, बल्कि यह उनका वैधानिक अधिकार है।

अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि पंजाब मेडिकल अटेंडेंस रूल्स, 1940 के तहत माता-पिता परिवार के सदस्य माने जाते हैं और उन्हें नियमों के अनुसार मिलने वाले लाभों से वंचित नहीं किया जा सकता।

क्या था पूरा मामला?

मामला हरियाणा रोडवेज के कर्मचारी बलवंत सिंह से जुड़ा है। उनकी 85 वर्षीय मां का हार्ट ऑपरेशन कराया गया, जिस पर करीब 1,30,073 रुपये खर्च हुए।

कर्मचारी ने मेडिकल खर्च की प्रतिपूर्ति के लिए आवेदन किया, लेकिन हरियाणा सरकार ने यह कहते हुए दावा खारिज कर दिया कि उनकी मां वृद्धावस्था पेंशन प्राप्त करती हैं, इसलिए उन्हें आश्रित नहीं माना जा सकता।

हाईकोर्ट का फैसला

हाईकोर्ट ने सरकार के फैसले को गलत ठहराते हुए आदेश दिया कि:

  • दो महीने के भीतर 1,30,073 रुपये मेडिकल प्रतिपूर्ति के रूप में भुगतान किया जाए।
  • भुगतान पर 6% वार्षिक ब्याज भी दिया जाए।
  • यदि तय समय सीमा के भीतर भुगतान नहीं किया गया तो ब्याज दर बढ़ाकर 9% वार्षिक होगी।

कई परिवारों को मिलेगा लाभ

कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, यह फैसला उन सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए राहत लेकर आएगा, जिनके वृद्ध माता-पिता को केवल वृद्धावस्था पेंशन मिलने के कारण आश्रित लाभ या मेडिकल प्रतिपूर्ति से वंचित किया जाता रहा है।

अदालत ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि वृद्धावस्था पेंशन किसी व्यक्ति के आश्रित होने के अधिकार को स्वतः समाप्त नहीं करती।

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